
जिला रिपोर्टर सुरेश कुमार चौधरी टीकमगढ़ 
*गेहूं खरीदी मे हो रही अनियमितता को लेकर किसानों का गुस्सा फूटा* दि.24.4.26
भारतीय किसान संघ महाकौशल प्रांत के आव्हान पर प्रांत के सभी 27 जिलों में जिला केंद्रों पर ज्ञापन दिए गए इसी कड़ी में टीकमगढ जिलाध्यक्ष शिव मोहन गिरि के नेतृत्व में जिले भर के किसानों की गेंहूं उपार्जन में आ रही समस्याओं को लेकर एक माननीय मुख्यमंत्री मोहन यादव के नाम व दूसरा ज्ञापन जिला कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय के नाम डिप्टी कलेक्टर एस. के. तोमर को दिया जिसमें मांग का गई कि:- प्रांत के सभी जिलों में सैटेलाइट सर्वे की विफलता के कारण फसलों के सत्यापन में विसंगति से स्लॉट बुकिंग नहीं हो पा रही है। अतः पटवारियों के सत्यापन को अंतिम मान्यता देकर स्लॉट बुकिंग हो।,
मिश्रित स्लॉट बुकिंग ( 2:1 छोटे एवं बड़े किसानों के अनुपात में) व्यवस्था शीघ्र प्रारंभ की जाए।, स्लॉट बुकिंग की समय सीमा 10 मई तथा खरीद की समय सीमा 20 मई तक बढ़ाई जाए, पराली / नरवाई जलाने के नाम पर किसानों पर प्रकरण दर्ज करने व जुर्माना लगाने का दमन चक्र बंद किया जाए।, उमरिया जिले के किसानों को वन भूमि अधिकार पट्टे दिये गये, किन्तु खसरों में तरमीम नहीं होने के कारण पट्टेधारी किसानों पर आपराधिक प्रकरण बनाये जा रहे हैं, इसे तत्काल रोका जाए।, प्रांत के जबलपुर, मऊगंज,सागर जिलों में इस वर्ष उपार्जन केन्द्रों की संख्या घटा दी गई है, जिनमें वृद्धि की जाय!, स्लॉट बुकिंग की साइट रात में खुलने के कारण बुकिंग में परेशानी आ रही है। अतः साइट दिन में खोली जाए।, गेहूँ खरीदी खुली धूप में होने के कारण किसानों को परेशानी हो रही है, अतः छांव व पेयजल की व्यवस्था की जाए।, स्लॉट बुकिंग की लिमिट प्रति दिवस 1500 क्विंटल से बढ़ाकर 2500-3000 क्विंटल की जाए, छतरपुर, सतना, मैहर, रीवा तथा मऊगंज जिलों में तुलाई में एक किलो गेहूँ अधिक लिया जा रहा है, इस पर रोक लगाई जाए, टीकमगढ़, सतना, रीवा तथा मऊगंज जैसे सीमावर्ती ज़िलों के खरीदी केंद्रों पर उत्तर प्रदेश के व्यापारियों द्वारा लाये जा रहे अनाज को कड़ाई से रोका जाए, पांडुर्णा जिले में प्रति हेक्टेयर 17-19 क्विंटल का उपज मानक तय किया गया है, इसे बढ़ाकर 25 क्विंटल प्रति हेक्टेयर किया जाए।, सहकारी संस्थाओं के प्रकरण में ऋणी के अभिलेख पर्याप्त हैं, किन्तु पांढुर्णा एवं नरसिंहपुर जिलों में अतिरिक्त जमानतदार लिए जा रहे हैं,इसे बंद किया जाए, बालाघाट जिले में रबी सीजन में उत्पादित धान की फसल की खरीदी MSP पर की जाए, मऊगंज जिले में 50% किसानों की फार्मर आईडी नहीं बनने से खाद नहीं मिल पा रही है। सभी किसानों की फार्मर आईडी बनाई जाए एवं संयुक्त खातों का परिमार्जन करवाया जाय।, खरीफ फसलों के लिए उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की, सहकारी समितिओं में पर्याप्त मात्रा में बारदाना, टैग व पल्लेदार उपलब्ध कराए जाए, जिले सभी 59 केंद्रों व सभी बेयर हाउसों पर किसानों के लिए छाया व ठण्डे पानी की व्यवस्था कराई जाए।, केंद्रों से परिवहन शीघ्र कराया जाए जिससे किसानों का भुगतान शीघ्र हो सके, जिले की कई कृषि उपज मंडियों में व्यापारियों द्वारा गेहूं की खरीदी करायी जाए जबकि व्यापारी उनके घर से कम दाम पर कर रहे है, आई टी सी कम्पनी के सदस्यों द्वारा गेंहूं खरीदी मंडियों द्वारा की जाए न कि गांव से, पहले आई. टी. सी. कम्पनी जो चौपाल के माध्यम से खरीदी करती थी उसे पुन: प्रारंभ कराया जाए, जिले में ग्रीष्मकालीन मूंग की समर्थन मूल्य पर खरीदी कराई जाए, पल्लेदारी का पैसा किसान से जो वसूला जाता है उसकी जांच कराकर दोषियों पर कार्यवाही कराई जाए, टीकमगढ जिले के निजी बेयर हाउसों द्वारा जिले के किसानों का पंजीयन किया जाता है और गेंहूं उत्तर प्रदेश के किसानों का समर्थन मूल्य से नीचे खरीदा जाता है और उसी गेंहूं को एफ 1, एफ 2 बनाकर बेचा जाता है इनकी जांचकर अमानक बीज विक्रेताओं पर कार्यवाही की जाए, भारतीय किसान संघ किसानों की समस्याओं से हमेशा जिला व तहसील प्रशासन प्रशासन को अवगत कराता रहता है इसके बावजूद समस्याएं जस की तस है जबकी शासन किसान वर्ष 2026 मना रहा है। आज इस अवसर पर जिला मंत्री राजेंद्र श्रीवास्तव, जिला उपाध्यक्ष भागवत सिंह सोलंकी, जिला उपाध्यक्ष बृजेश कुमार पाठक, जिला कोषाध्यक्ष अबधेश गिरि, जिला जैविक खेती प्रमुख संतोष राजपूत, जिला कार्यकारिणी सदस्य राघवेंद्र सिंह घोष, बखत सिंह यादव, रामकिशन पाल, टीकमगढ़ तहसीलाध्यक्ष रामचंद्र स्रोती, पुष्पेन्द्र सिंह, डरु रजक, दिगौड़ा तहसीलाध्यक्ष फूलसिंह घोष,तहसील उपाध्यक्ष किशोरी लाल अहिरवार, तहसील प्रचार प्रमुख रंजीत सिंह, तहसील कार्य. सदस्य हरप्रसाद चढ़ार,
पलेरा तहसीलाध्यक्ष हरपाल सिंह सिसौदिया, सतीश चढ़ार,
कमलेश कुमार लोधी हरपुरा मड़िया, काशीराम राजपूत, संजय कुमार लोधी, संतोष साहू, गनेश साहू, मलखान लोधी, रामसिंह अस्तोंन, रामस्वरूप यादव, द्वारका प्रसाद खरोई, कमल यादव, धर्मदास कुशवाहा, भागवत साहू, चिंतामन अहिरवार सहित कई किसान बंधु उपस्थित रहे ।

