
*
केवट समुदाय से आने वाले महेश केवट का निर्विरोध राज्यसभा सदस्य निर्वाचित होना पूरे बुंदेलखंड के लिए गर्व की बात – हरिशंकर खटीक।*
टीकमगढ़। भाजपा की ओर से मध्य प्रदेश में तीसरे राज्यसभा सदस्य के लिए बुंदेलखंड क्षेत्र के टीकमगढ़- निवाड़ी ओरछा से मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष महेश केवट को उम्मीदवार बनाया गया वहीं उनके विरोध में कांग्रेस से उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने से भाजपा के उम्मीदवार महेश केवट निर्विरोध निर्वाचित हुए। विधानसभा आश्वासन समिति अध्यक्ष व जतारा विधायक हरिशंकर खटीक ने कहा कि हमारे पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र टीकमगढ़- ओरछा- निवाड़ी एवं उत्तर प्रदेश के सभी लोगों में बहुत खुशी व उत्साह की लहर है कि ओरछा श्री रामराजा सरकार व हरदौल लाला जू की असीम कृपा से मल्लाह-मांझी-रैकवार-केवट समुदाय से आने वाले एक कर्मथ कार्यकर्ता को भाजपा से राज्यसभा में हमारे क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला है। कांग्रेस पार्टी में इसी बात की खलबली है एक साधारण कार्यकर्ता को जो केवट समुदाय से आता है वो हमारे बीच कैसे लड़ सकता है इसी बौखलाहट में कांग्रेस के हास्यास्पद बयान सामने आते रहते है। आज कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान और कमी जगजाहिर हो गई जिससे कांग्रेस उम्मीदवार की खामियां नजर आई, जहां उनके द्वारा तथ्य छिपाए गए थे और अंततः नामांकन रद्द हुआ, जन चर्चा में तो यहां तक सुनने को आया कि कांग्रेस की टूट के कारण ही कांग्रेस नेताओं द्वारा कांग्रेस उम्मीदवार की ही जानकारी लीक हुई और वहां कांग्रेस नेता एक- दूसरे पर हार का ठीकरा फोड़ा जा रहा है।निर्वाचन अधिकारी का निर्णय एकदम सही है, कांग्रेस अपनी त्रुटि स्वीकार करे। हरिशंकर खटीक ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा इस वर्ग को केवल वोट बैंक समझा, और आज जब भाजपा उन्हें असल प्रतिनिधित्व दे रही है तो कांग्रेस इसे पचा नहीं पा रही है , भाजपा का यह निर्णय सामाजिक न्याय और समावेशी प्रतिनिधित्व का उदाहरण है।भाजपा संगठन हमेशा अपने कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने का मौका देता है जहां दूसरी पार्टियों में परिवारवाद चलता है।हरिशंकर खटीक ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तथा भाजपा संगठन की वरिष्ठ पदाधिकारी के प्रयासों से महेश केवट का नाम आगे बढ़ा, इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व ने इस पर स्वीकृति प्रदान की। भाजपा का यह फैसला सामाजिक न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और इससे वंचित वर्गों के लोगों का राजनीतिक सशक्तीकरण होगा।यह संदेश देता है की प्रतिभा और संघर्ष के बल पर समाज का कोई भी व्यक्ति देश की सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्थाओं तक पहुंच सकता है।

