तीन दिवसीय धरना प्रदर्शन के तहत तीसरे दिन17/04/2026 को हिंदुस्तान स्टील इंप्लाइज यूनियन (सीटू ) के जूझारू कार्यकर्ता, खदान के नियमित व ठेका श्रमिकों की समस्याओं व समग्र मांगों को लेकर माइंस आफिस के सामने दिन भर डटे रहे। खदान के अन्दर व बाहर व्याप्त समस्याओं व अव्यवस्था पर प्रबंधन की कार्यशैली के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।42डिग्री तापमान पर भी धरने मे डटे श्रमिकों ने कहा कि खदान प्रबंधन श्रमिकों के प्रति क्रूर व असंवेदनशील हो चुका है।
इस अवसर पर उपस्थित विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए यूनियन के अध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि अपने अपने प्रमोशन को हर हाल में सुनिश्चित करने के लिए हर विभाग के अधिकारियों के बीच खर्च कटौती की होड मची हुई है। और इसी होड़ में खदान के अन्दर व बाहर सभी जगह कर्मचारी सुविधाएं व लाभ अब तक के सबसे न्यूनतम व अमानवीय स्थिति तक पहुंच गये है।खदान के अन्दर केन्टीनो व कार्यस्थल में स्वच्छ पेयजल तक की सुविधा नहीं है।देश मे एल पी जी गैस की कमी को देखते हुए नाश्ते की वैरायटी को कम किया गया।लकडी से खाना नाश्ता बनाया ज रहा है।गैस आपूर्ति सुलभ होने पर भी अब तक पर्याप्त गैस उपलब्ध नहीं कराकर पैसे बचाये जा रहे हैं।भीषण गर्मी में कार्यरत श्रमिकों के लिए समुचित रेस्ट सेल्टर व पर्याप्त कूलर तक नहीं हैं। आवागमन के वाहनों में ए सी नहीं है।कई मशीनों के ए सी बंद पडे है। जबकि अधिकारियों के केबिन व वाहनों में एसी की कोई कमी नहीं है।पिछले तीन वर्षों से नान फाईनेंशियल रिवार्ड स्कीम केवल खदानों के लिए बंद है।
सुरक्षा की स्थिति बेहद चिंता जनक है।दुर्घटनाओं पर कोई प्रभावी कार्य वाही नहीं हो रही है। अफसर ठेकेदारों के साथ मस्त है।अपनी योग्यता व निजी मेहनत से छत्तीसगढ़ स्तर के ट्रेड टेस्ट में स्थान बनाकर खदानों का नाम रोशन करनेवाले कर्मचारियों के लिये भी अब प्रबंधन द्वारा कोई सम्मान समारोह आयोजित नहीं किया जाता है।वर्षों से एक ही पद पर कार्यरत नियमित कर्मचारी पदोन्नति की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं है। इलेक्ट्रिकल सुपरवाइजर परीक्षा पास कर्मचारी को उचित प्रोत्साहन देकर उन्हें सही पदस्थापना नहीं दी जा रही। ठेका श्रमिकों को उचित श्रेणी का वेतन नहीं मिल रहा है।समय पर वेतन नहीं दिया जा रहा है। आईपीडी मेडिकल सुविधा देने मे बार बार बहानेबाजी की जा रही । नाईट शिफ्ट , व माइंस एलाउंस बढाने की मां को नजरअंदाज किया जा रहा है।कई ठेके बंद होने से ठेका मजदूर बेरोजगार हो गये हैं।लेकिन प्रबंधन को कोई चिंता नहीं है।इसलिए प्रबंधन के इस नकारात्मक रवैया से आक्रोशित श्रमिकों ने अब आरपार के संघर्ष का मूड बना लिया है।हमारा यह तीन दिवसीय धरना प्रदर्शन आन्दोलन का दूसरा चरण है।यदि प्रबंधन हमारी मांगो पर गंभीरता से सकारात्मक पहल नहीं करेगा तो आगले चरण का आन्दोलन और उग्र व विशाल होगा जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी।
यूनियन के सचिव पुरषोत्तम सिमैया ने कहा कि बदतर होते टाउनशिप की स्थिति के लिए खदान प्रबंधन जिम्मेदार है। टाउनशिप के आवासों को अवैध कब्जे से मुक्त कर और खाली पड़े आवासों को सेवानिवृत कर्मचारी और ठेका कर्मचारियों को आवंटित करने में कोई समस्या नहीं है, फिर भी प्रबंधन के अड़ियल रूख के कारण पूरा टाउनशिप अवैध कब्जे और अराजक तत्वों के आगोश में है। इसी तरह धीरे-धीरे माइंस हॉस्पिटल भी बदतर होते चला गया और आज यह हॉस्पिटल कहलाने के लायक भी नहीं बचा है। हमारी मांग है कि पूरा का पूरा हॉस्पिटल हमें चाहिए जिसमें सभी विशेषज्ञ डॉक्टर पर्याप्त स्टाफ और सभी सुविधाएं होनी चाहिए इससे कम पर हम कोई भी समझौता करने को तैयार नहीं है। इसलिए प्रबंधन को समझ लेना चाहिए कि यह संघर्ष थोड़ा कुछ हासिल करने के लिए नहीं है, बल्कि समग्र सुधार के लिए हम आगे बढ़े हैं और अंतिम दम तक संघर्ष जारी रहेगा।
यूनियन के संगठन सचिव र प्रकाश क्षत्रिय ने कहा कि जिन ठेका श्रमिकों के कंधे पर 70% उत्पादन का बोझ है उन ठेका श्रमिकों को प्रबंधन नजरअंदाज कर रहा है। उनके लिए आईपीडी सुविधा की मांग,डीएवी स्कूल में एडमिशन एवं फीस में प्राथमिकता देने, तथा उचित श्रेणी का वेतन देने, नाइट अलाउंस 180 रुपए तथा माइंस भत्ता ₹200 करने की मांग हम सालों से कर रहे हैं लेकिन प्रबंधन इस पर ठोस कदम नहीं उठा रहा है, जिसके कारण विस्फोटक स्थिति पैदा हो सकती है। अतः हम अपने आंदोलन के माध्यम से प्रबंधन से अनुरोध करते हैं कि जल्द से जल्द इन समस्याओं का समाधान किया जाए अन्यथा जो औद्योगिक अशांति होगी उसकी समस्त जिम्मेदारी खदान प्रबंधन की होगी । आज तीन दिवसीय धरना के समापन पर एक विस्तारित मांग पत्र मुख्य महाप्रबंधक खदान को सौंपा गया तथा संक्षिप्त चर्चा में यह तय किया गया कि एक बड़ी बैठक कर इन सभी समस्याओं का ठोस निराकरण किया जाएगा
10वीं बोर्ड में 90.4% अंक हासिल कर सैय्यद अहमद ने बढ़ाया क्षेत्र का मान
15 hours ago
आग के मुहावने पर घोड़ा डोंगरी नगर परिषद
15 hours ago
लखनऊ/देवरिया उत्तर प्रदेश। धमाका। देवरिया मे प्रशासनिक हड़कंप. वकील की मौत के मामले मे SDM विपिन द्विवेदी सस्पेंड.लापरवाही पर योगी सरकार का बड़ा प्रहार विभागीय जांच के आदेश। लखनऊ/देवरिया उत्तर प्रदेश से राजेश कुमार यादव की खास रिपोर्ट
15 hours ago
लखनऊ/देवरिया। “?रेट फिक्स . न्याय फेल ” _बरहज के घूसखोर एसडीएम बिपिन द्विवेदी निलंबित विभागीय जांच के आदेश से मचा भूचाल। लखनऊ/देवरिया उत्तर प्रदेश से राजेश कुमार यादव की खास रिपोर्ट
15 hours ago
लखनऊ/वाराणासी। लेडी सिंघम का दबदबा .नीतू काद्दयान बनी गोमती जोन की गई DCP आपराधियों मे खौफ का नया नाम ।लखनऊ/वाराणासी उत्तर प्रदेश से राजेश कुमार यादव की खास रिपोर्ट
15 hours ago
लखनऊ उत्तरप्रदेश। देवरिया मे वकील की मौत का मामला अब तूल पकड़ चुका है _सरकार ने भी अब तुरंत एक्शन लेते हुए बरहज के एसडीएम विपिन कुमार द्विवेदी को सस्पेंड कर दिया है । लखनऊ उत्तरप्रदेश से राजेश कुमार यादव की खास रिपोर्ट
15 hours ago
लखनऊ/देवरिया उत्तर प्रदेश। सख्त अफसर का तबादला ? देवरिया से DGP मुख्यालय तक _उपलब्धियों के बीच उठे सवाल ? लखनऊ/देवरिया उत्तर प्रदेश से राजेश कुमार यादव की खास रिपोर्ट
15 hours ago
लखनऊ उत्तरप्रदेश। अगर प्रधान के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो सकता है तो फिर ऊन प्रशासनिक अधिकारियों पर सम्मान रुप से कार्रवाई क्यों नही हो रही जिनकी जिम्मेदारी थी कि अवैध कार्य को रोका जाए क्या उनकी चुप्पी उनकी निष्क्रियता किसी अपराध से कम है अब जिम्मेदारी समान है तो कार्रवाई समान क्यों नहीं ? लखनऊ उत्तरप्रदेश से राजेश कुमार यादव की कलम से
15 hours ago
गोपालगंज बिहार। बिहार के महामहिम राज्यपाल जी ने बिहार के संबंध में भेजी गई महत्वपूर्ण साझा से प्रसन्न होकर डा0 श्री प्रकाश बरनवाल राष्ट्रीय अध्यक्ष एकयुप्रेशर काउंसिल नेचुआ जलालपुर गोपालगंज बिहार को प्रैषित किया पत्र
15 hours ago
गोपालगंज बिहार। बिहार के महामहिम राज्यपाल जी को बिहार के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी देने पर प्रसन्न होकर राज्यपाल जी ने डा0 श्री प्रकाश बरनवाल राष्ट्रीय अध्यक्ष एकयुप्रेशर काउंसिल नेचुआ जलालपुर गोपालगंज बिहार को भैजे पप्र