
*जल गंगा संवर्धन अभियान में जल संवर्धन के कार्यों को तेजी से मूर्तरूप दें अधिकारी – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव*
*नदियों के किनारे फलदार पौधों का रोपण प्राथमिकता के साथ कराएं – मुख्यमंत्री*
*श्रम विभाग और सामाजिक न्याय विभाग द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कराएं अधिकारी – मुख्यमंत्री*
*नागरिकों की शिकायतों और समस्याओं का निराकरण सर्वाेच्च प्राथमिकता के साथ कराएं अधिकारी – मुख्यमंत्री*
*गेहूं उपार्जन कार्य की सतत मॉनिटरिंग करें कलेक्टर्स – मुख्यमंत्री*
*टीकमगढ़,17 अप्रैल 2026/*
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत जल संवर्धन और संरक्षण के कार्य तेजी से पूर्ण करने के निर्देश प्रदेश के सभी कलेक्टरों को दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि जल गंगा संवर्धन अभियान में मध्यप्रदेश में वृहद स्तर पर जल संवर्धन और संरक्षण का कार्य कर मध्यप्रदेश को देश में अलग पहचान दिलाना है। उन्होंने कहा है कि मध्यप्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान में ठोस और परिणाममूलक कार्य होना चाहिए। इसके लिए प्रदेश के सभी कलेक्टर्स निरंतर प्रयास करें।
मुख्यमंत्री ने संकल्प से समाधान अभियान की प्रगति की जिलेवार समीक्षा करते हुए कहा है कि संकल्प से समाधान अभियान में दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की समस्याओं का निराकरण प्राथमिकता के साथ होना चाहिए। उन्होंने कहा है कि कलेक्टर्स समस्याओं के निराकरण के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रमण करें, रात्रि विश्राम कर लोगों की समस्याएं सुनें और उनका निराकरण भी करें तथा लोगों की समस्याओं के निराकरण में अपनी दक्षता को भी साबित करें।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जल गंगा संवर्धन अभियान एवं संकल्प से समाधान अभियान की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में सांदीपनि स्कूलों को मॉडल स्कूलों के तौर पर प्रोजेक्ट करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा है कि सांदीपनि स्कूलों में अच्छी शिक्षा दी जा रही है। यह संदेश आम लोगों तक पहुंचना चाहिए। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी सांदीपनि स्कूलों में वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाने तथा सांदीपनि स्कूल परिसरों में जल की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश सभी कलेक्टरों को दिए।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जल गंगा संवर्धन अभियान के कार्यों की जिलेवार समीक्षा करते हुए कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान में पौधरोपण की सभी तैयारियां अभी से करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश की नदियों के किनारे फलदार पौधों का रोपण प्राथमिकता के साथ कराएं। वहीं वन विभाग वन क्षेत्रों में जल संरक्षण और जल संवर्धन के लिए जल संरचनाओं का निर्माण भी कराए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रम विभाग और सामाजिक न्याय विभाग द्वारा महत्वपूर्ण कल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि श्रम विभाग द्वारा मजदूरों को सीधा लाभ देने वाली योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कराएं। इन योजनाओं की सतत मॉनिटरिंग भी कराई जाना सुनिश्चित करें।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में गेहूं उपार्जन कार्य की जिलेवार समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में गेहूं उपार्जन कार्य सहजता से होना चाहिए। किसानों को मंडी परिसरों में शुद्ध पेयजल एवं उनके बैठने के लिए छायादार स्थान उपलब्ध होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि गेहूं उपार्जन कार्य को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए कलेक्टर समय-समय पर मंडियों का आकस्मिक निरीक्षण करें। मंडियों के सतत निरीक्षण के लिए अधिकारियों का गठन भी करें।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश में पेयजल व्यवस्था को और अधिक बेहतर और कारगर बनाने के निर्देश सभी कलेक्टरों को देते हुए कहा कि पेयजल संबंधी सीएम हेल्पलाइन शिकायतों का सर्वाेच्च प्राथमिकता के साथ निराकरण सुनिश्चित कराएं। प्रदेश के सभी रेलवे स्टेशनों और बस स्टैंडों पर बेहतर पेयजल की व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराएं।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में मुख्यमंत्री ने अन्य विभागीय कार्यों की भी समीक्षा की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में टीकमगढ़ जिले से कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय, जिला पंचायत सीईओ श्री नवीत कुमार धुर्वे, वन मंडलाधिकारी श्री राजाराम परमार, अपर कलेक्टर श्री शिवप्रसाद मंडराह, एसडीएम टीकमगढ़ श्रीमती संस्कृति मुदित लटोरिया, डिप्टी कलेक्टर श्री एसके तोमर सहित संबंधित अधिकारी एनआ
ईसी सभाकक्ष से शामिल हुए।

