
मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा नवांकुर संस्थाओं के सहयोग से सारणी एवं रानीपुर सेक्टर की प्रस्फुटन समितियों का सेक्टर स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र की विभिन्न समितियों के पदाधिकारी एवं सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्राम विकास की अवधारणा को मजबूत करना तथा समितियों को उनके दायित्वों के प्रति जागरूक करना रहा।
*मुख्य अतिथि जिला समन्वयक श्रीमती प्रिया चौधरी मैडम* ने अपने संबोधन में मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद की संकल्पना, समाज में शिक्षा, जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि परिषद का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की धारा पहुंचाना है और इसके लिए प्रस्फुटन समितियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
*स्वामी श्याम महाराज जी* ने ग्राम विकास की अवधारणा पर अपने विचार रखते हुए कहा कि गांव का विकास तभी संभव है जब समाज के सभी लोग मिलकर सेवा और सहयोग की भावना से कार्य करें। उन्होंने नैतिक मूल्यों और सामाजिक एकता को मजबूत करने की आवश्यकता बताई।
*स्वामी गिरी महाराज* ने अपने उद्बोधन में सामुदायिकता और समाज सेवा की भावना को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जब समाज के लोग मिलकर कार्य करते हैं तो विकास की गति स्वतः तेज हो जाती है।
*श्री वीरेंद्र बिलगैया जी* ने स्वयंसेवी संगठनों के गठन एवं उनके प्रभावी प्रबंधन के विषय में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संगठित और सुव्यवस्थित कार्यप्रणाली से समितियां गांव में बेहतर तरीके से विकास कार्यों को आगे बढ़ा सकती हैं।
*ब्लॉक समन्वयक संतोष राजपूत* ने परिषद की योजनाओं और गतिविधियों की विस्तृत जानकारी देते हुए समितियों की जिम्मेदारियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रस्फुटन समितियां समाज में जागरूकता और विकास के लिए एक महत्वपूर्ण मंच हैं।
नवांकुर संस्था सारणी सेक्टर जन स्वास्थ्य रक्षा समिति के *श्री रूपचंद यादव* ने ग्राम स्तर पर जनभागीदारी बढ़ाने और समितियों के माध्यम से सामाजिक कार्यों को आगे बढ़ाने पर अपने विचार साझा किए।
युवा विकास नूतनडंडा के *एडवोकेट आशुतोष घोष* ने स्वयंसेवी संगठनों की भूमिका और उनके प्रभावी संचालन के बारे में जानकारी देते हुए युवाओं को समाज सेवा से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।
परामर्शदाता श्रीमती संगीता उघड़े ने समितियों के दस्तावेजीकरण के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी और बताया कि योजनाओं एवं गतिविधियों का सही रिकॉर्ड रखना संगठन की मजबूती के लिए आवश्यक है।
परामर्शदाता *श्रीमती यशोमती भोरवंशी* ने ग्राम विकास की योजनाओं को धरातल पर प्रभावी रूप से लागू करने और समाज में जागरूकता बढ़ाने के संबंध में मार्गदर्शन दिया तथा मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास पाठ्यक्रम में नेतृत्वकर्ता की पहचान करके अच्छे सामाजिक कार्यकर्ता का पंजीयन कर कर आप लोग अच्छे कार्यकर्ता दिला सकते हैं इसका प्रयास करें।
*परामर्शदाता जतिन प्रजापति* ने समितियों के दस्तावेजीकरण, गतिविधियों के रिकॉर्ड तथा कार्यों की पारदर्शिता बनाए रखने के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी।
कार्यक्रम में सारणी एवं रानीपुर सेक्टर की प्रस्फुटन समितियों के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के माध्यम से सभी प्रतिभागियों को ग्राम विकास, संगठन प्रबंधन और परिषद की योजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई।

