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लखनऊ/गोरखपुर उत्तर प्रदेश। निर्दोष को छुआ तो खैर नही .दोषी छोड़ा तो कार्रवाई तय।डाक्टर कौस्तुभ। लखनऊ/गोरखपुर उत्तर प्रदेश से राजेश कुमार यादव की खास रिपोर्ट

निर्दोष को छुआ तो खैर नहीं, दोषी छोड़ा तो कार्रवाई तय: डॉ. कौस्तुभ।

  1. लखनऊ/गोरखपुर उत्तर प्रदेश से राजेश कुमार यादव की खास रिपोर्ट

गोरखपुर। पुलिस लाइन सभागार में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने वर्ष 2023 बैच के उपनिरीक्षकों के साथ विस्तृत बैठक कर उन्हें पुलिस सेवा के मूल दायित्वों, कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारियों तथा जनता के प्रति व्यवहार को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए। बैठक में एसपी सिटी अभिनव त्यागी और एसपी नॉर्थ ज्ञानेंद्र भी मौजूद रहे। जनपद के विभिन्न थानों में तैनात करीब 200 उपनिरीक्षक इस दौरान अपनी सेवा दे रहे है।

एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने कहा कि पुलिस की सबसे बड़ी पूंजी जनता का विश्वास है, और यह विश्वास केवल ईमानदार, निष्पक्ष व संवेदनशील कार्यशैली से ही अर्जित किया जा सकता है। उन्होंने सभी नव नियुक्त अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा और पारदर्शिता के साथ करें। किसी भी निर्दोष व्यक्ति को अनावश्यक रूप से परेशान करना न केवल अनुचित है बल्कि पुलिस की छवि को भी नुकसान पहुंचाता है।

उन्होंने सख्त लहजे में चेतावनी दी कि यदि किसी दोषी व्यक्ति को पकड़ने के बाद उसे अनुचित तरीके से छोड़ने या मामले में ढिलाई बरतने की शिकायत मिलती है, तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कठोर विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और अपराधियों के प्रति किसी प्रकार की सहानुभूति बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

एसएसपी ने यह भी कहा कि थाने पर आने वाले फरियादियों से शालीनता से बात करना, उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनना और समयबद्ध निस्तारण करना हर पुलिसकर्मी की प्राथमिक जिम्मेदारी है। पुलिस का व्यवहार ऐसा होना चाहिए कि आम नागरिक खुद को सुरक्षित और सम्मानित महसूस करे। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी लापरवाहियां भविष्य में बड़ी समस्याएं बन जाती हैं, इसलिए ड्यूटी के दौरान सतर्कता बेहद जरूरी है।

बैठक में विवेचना की गुणवत्ता, गिरफ्तारी की प्रक्रिया, महिला एवं कमजोर वर्ग से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता, बीट पुलिसिंग, रात्रि गश्त और अपराध नियंत्रण के प्रभावी तरीकों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। एसएसपी ने कहा कि तकनीक का उपयोग बढ़ाएं, रिकॉर्ड अपडेट रखें और अपने वरिष्ठ अधिकारियों को समय-समय पर सही जानकारी उपलब्ध कराते रहें।

एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने उपनिरीक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि थाना स्तर पर वही अधिकारी सफल माना जाता है, जो टीम भावना के साथ काम करे और जनता के बीच सकारात्मक छवि बनाए। उन्होंने अनुशासन, समयपालन और बेहतर संवाद को पुलिसिंग की रीढ़ बताया।

वहीं एसपी नॉर्थ ज्ञानेंद्र ने कहा कि क्षेत्र में होने वाली छोटी से छोटी घटना की जानकारी रखना और उस पर त्वरित प्रतिक्रिया देना जरूरी है। अपराध की रोकथाम में सक्रियता ही सबसे बड़ा हथियार है। उन्होंने उपनिरीक्षकों को अपने-अपने क्षेत्रों में मजबूत सूचना तंत्र विकसित करने की सलाह दी।

बैठक के अंत में एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने सभी अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि वे अपने आचरण और कार्यशैली से गोरखपुर पुलिस की प्रतिष्ठा को और मजबूत करेंगे। उन्होंने कहा कि ईमानदार मेहनत करने वालों को विभाग हमेशा प्रोत्साहित करेगा, लेकिन भ्रष्टाचार या लापरवाही के लिए कोई जगह नहीं है।

करीब दो घंटे चली इस बैठक को पुलिस महकमे में नई ऊर्जा और स्पष्ट संदेश के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें साफ कर दिया गया कि जनपद में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के साथ-साथ ड्यूटी में कोताही बरतने वालों पर भी सख्ती तय है।

 

 

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