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बालोद की बेटी वंदना साहू ने बढ़ाया जिले का मानः असम के गुवाहाटी में ‘अष्टलक्ष्मी’ कार्यक्रम में कर रहीं छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व

बालोद जिले के ग्राम कुरदी की होनहार बेटी वंदना साहू ने पूरे जिले का नाम रोशन किया है। शासकीय घनश्याम सिंह गुप्त स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बालोद की बीएससी प्रथम वर्ष की छात्रा वंदना साहू का चयन असम के गुवाहाटी में आयोजित ‘अष्टलक्ष्मी’ युवा कार्यक्रम के लिए हुआ है, जहां वे छत्तीसगढ़ राज्य का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। उनके चयन से पूरे गांव और जिले में गर्व और खुशी का माहौल है।

सामाजिक नेतृत्व के आधार पर हुआ चयन

वंदना साहू का चयन उनके उत्कृष्ट कार्य, सक्रिय भागीदारी और सामाजिक नेतृत्व क्षमता को देखते हुए किया गया। महाविद्यालय द्वारा उन्हें इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में शामिल होने के लिए गुवाहाटी भेजा गया है, जहां वे अन्य राज्यों के युवाओं के साथ मिलकर विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण और अध्ययन करेंगी।

‘अष्टलक्ष्मी’ पहल क्या है?

अष्टलक्ष्मी’ भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य पूर्वोत्तर भारत के विकास, संस्कृति और युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ना है। इस योजना के तहत युवाओं को राष्ट्र निर्माण, सामाजिक कार्यों और नवाचार में भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

इस पहल में बुनियादी ढांचा, पर्यटन, पारंपरिक शिल्प (GI टैग उत्पाद) और सांस्कृतिक विविधता को बढ़ावा देकर ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने का प्रयास किया जा रहा है।

युवा विनिमय कार्यक्रम से बढ़ेगी समझ और कौशल

अष्टलक्ष्मी दर्शन’ युवा विनिमय कार्यक्रम के अंतर्गत छत्तीसगढ़ से चयनित छात्र-छात्राओं की टीम गुवाहाटी में आयोजित इस शिविर में शामिल होकर व्यक्तित्व विकास, नैतिक शिक्षा, नवाचार और सामाजिक नेतृत्व जैसे विषयों पर प्रशिक्षण प्राप्त कर रही है।

यह कार्यक्रम डोनर मंत्रालय (MDONER) द्वारा आयोजित किया जाता है, जिसका उद्देश्य पूर्वोत्तर और अन्य राज्यों के युवाओं के बीच आपसी समझ और जुड़ाव बढ़ाना है

‘वोकल फॉर लोकल’ को मिलेगा बढ़ावा

इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को मजबूत करना, पूर्वोत्तर के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना तथा कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे के विकास को बढ़ावा देना है।

गांव में खुशी की लहर

वंदना साहू की इस उपलब्धि पर ग्राम कुरदी में खुशी का माहौल है। सरपंच पूनम संजय साहू सहित ग्रामीण केशू राम, महेश साहू, तोमन निषाद, नरेंद्र देवांगन, कमल साहू एवं अन्य लोगों ने हर्ष व्यक्त करते हुए इसे गांव के लिए गौरव का क्षण बताया।

बेटी बनी प्रेरणा

वंदना साहू की यह उपलब्धि न केवल बालोद बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए प्रेरणा है। यह साबित करता है कि ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियां भी अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना सकती हैं।

निष्कर्ष

गुवाहाटी में आयोजित ‘अष्टलक्ष्मी’ कार्यक्रम में भाग लेकर वंदना साहू न केवल नए अनुभव और ज्ञान अर्जित करेंगी, बल्कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति, प्रतिभा और क्षमता को राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करने का कार्य भी करेंगी। उनकी यह सफलता आने वाले समय में और भी युवाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।

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