
नवादा तट की सफाई कर मनाये गये संत गाडगे जयंती
स्वच्छता और शिक्षा जीवन का महत्वपूर्ण लक्ष्य-संत गाडगे बाबा
गाडरवारा राजक समाज संगठन गाडरवारा द्वारा रजक समाज के आराध्य पूज्य संत गाडगे बाबा की 148 वी जयंती मां नर्मदा तट काकरा घाट की पवित्रता के लिए भारत के महाराष्ट्र में शहीद हुए संत गाडगे बाबा को स्वतंत्रता का जनक कहा जाता है,कहा जाता है कि संत गाडगे बाबा ने अपने जीवन काल में शिक्षा और स्वतंत्रता पर हमेशा जोर दिया, के विद्यालय के खुले बाबाकर गरीब असहाब बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने के लिए उनकी सहायता प्रदान करते हुए इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए पूरे देश में रजक समाज द्वारा संत गाडगे महाराज की जयंती पर गाडरवारा से रजक समाज के युवाओं ने जीवनदायनी कहे जाने बाली मां नर्मदा मैया के उत्तर तट ककरा घाट की स्वच्छता की झलक गाडरवारा से रजक समाज के राजदीपक,कुलदीप रजक,राममनोहर रजक,चंचल रजक,दादु रजक,जंडेलवीर रजक, मुकेश रहक,पत्रकार कैलाश रजक,पत्रकार डॉ.ब्रजेश रजक,प्रदीप बौद्धिक शिक्षक,पप्पू रजक,मिस्त्री,पप्पू रजक, बैंक,मोनू रजक,राजकुमार रजक,रामसंदर्भ रजक,दीपक रजक,देवेश रजक,कान्हा रजक,अभिषेक रजक,आर्यन रजक, प्रमुख रजक गोविंद बाथरे अनिल रजक एवं अन्य रजक समाज के साथी उपस्थित रहे 

