
दो एसडीएम बदले, फिर भी सरकारी आवास पर पूर्व अधिकारी का नाम
जतारा। प्रशासनिक व्यवस्था में लापरवाही का एक मामला सामने आया है। जतारा स्थित एसडीएम आवास पर दो एसडीएम के स्थानांतरण के बाद भी आवास के बाहर लगी नाम पट्टिका पर पूर्व एसडीएम शैलेंद्र सिंह का नाम अंकित है। इससे विभागीय कार्यप्रणाली और अभिलेखों के अद्यतन न होने पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि समय-समय पर अधिकारियों के तबादले होते रहते हैं, लेकिन संबंधित विभाग द्वारा शासकीय आवासों और कार्यालयों की नाम पट्टिकाएं अपडेट नहीं की जातीं। वर्तमान में भी आवास के मुख्य द्वार पर पुराना नाम प्रदर्शित होने से आमजन में भ्रम की स्थिति बनी हुई है।
लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि शासकीय भवनों पर लगे नाम पट्टों को समय पर अद्यतन कराया जाए, ताकि वर्तमान पदस्थ अधिकारियों की सही जानकारी लोगों को मिल सके।
दो एसडीएम बदले, फिर भी सरकारी आवास पर पूर्व अधिकारी का नाम
जतारा। प्रशासनिक व्यवस्था में लापरवाही का एक मामला सामने आया है। जतारा स्थित एसडीएम आवास पर दो एसडीएम के स्थानांतरण के बाद भी आवास के बाहर लगी नाम पट्टिका पर पूर्व एसडीएम शैलेंद्र सिंह का नाम अंकित है। इससे विभागीय कार्यप्रणाली और अभिलेखों के अद्यतन न होने पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि समय-समय पर अधिकारियों के तबादले होते रहते हैं, लेकिन संबंधित विभाग द्वारा शासकीय आवासों और कार्यालयों की नाम पट्टिकाएं अपडेट नहीं की जातीं। वर्तमान में भी आवास के मुख्य द्वार पर पुराना नाम प्रदर्शित होने से आमजन में भ्रम की स्थिति बनी हुई है।
लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि शासकीय भवनों पर लगे नाम पट्टों को समय पर अद्यतन कराया जाए, ताकि वर्तमान पदस्थ अधिकारियों की सही जानकारी लोगों को मिल सके।

