
टीकमगढ़ जिला रिपोर्टर
सुरेश कुमार चौधरी
*रुबात घोटाला: NHRC ने सैफ अली खान की बहन सबा सुल्तान के खिलाफ उच्च-स्तरीय जांच बैठाई, होटल कारोबारी सिकंदर हफीज भी रडार पर; मुख्य सचिव को दूसरा नोटिस*
*भोपाल, 14 मई 2026:*
मक्का-मदीना में हज यात्रियों के लिए बने रुबात गेस्टहाउसों के कुप्रबंधन के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने सख्ती दिखाते हुए उच्च-स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। जांच के दायरे में औकाफ-ए-शाही की मुतवल्ली और बॉलीवुड अभिनेता सैफ अली खान की बहन सबा सुल्तान के साथ भोपाल के होटल व्यवसायी सिकंदर हफीज भी हैं। आयोग ने मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव को दोबारा नोटिस जारी कर समय-सीमा में रिपोर्ट मांगी है।
*क्या है मामला?*
भोपाल निवासी इम्तियाज अली की शिकायत पर NHRC ने यह कदम उठाया है। आरोप है कि सबा सुल्तान के ट्रस्ट प्रबंधन के दौरान मक्का-मदीना स्थित रुबातों का कुप्रबंधन हुआ। इससे भोपाल, रायसेन और सीहोर जिलों के हज यात्रियों को मुफ्त या किफायती आवास के उनके परंपरागत अधिकार से वंचित होना पड़ा।
शिकायत के अनुसार, औकाफ-ए-शाही सऊदी अरब में दर्जनों संपत्तियों का प्रबंधन करता है। इनमें से ज्यादातर व्यावसायिक रूप से लीज पर हैं और आय हज यात्रियों के लिए सुरक्षित रखी जानी है। इसके बावजूद पिछले आठ सालों से मदीना में आवास सुविधा बंद है। मक्का में भी सभी यात्रियों को जगह नहीं मिलती, बल्कि लॉटरी सिस्टम से आवंटन होता है।
*मुख्य आरोप*
1. *फंड का दुरुपयोग*: मदीना रुबात से अवैध फंड ट्रांसफर और FEMA नियमों का उल्लंघन।
2. *अपारदर्शिता*: सालाना ऑडिट में पारदर्शिता का अभाव।
3. *निजी इस्तेमाल*: जरूरतमंद यात्रियों की जगह निजी जान-पहचान वालों को सुविधाएं देना।
4. *नियंत्रण खोना*: सऊदी अधिकारियों के समक्ष वक्फ का सही प्रतिनिधित्व न करने से संपत्तियों पर नियंत्रण कमजोर हुआ।
5. *सिकंदर हफीज की भूमिका*: नूर-उस-सबा होटल के मालिक सिकंदर हफीज पर शाही औकाफ के कुप्रबंधन में शामिल होने और अपने परिवार व निकट सहयोगियों को लाभ पहुंचाने के गंभीर आरोप।
*NHRC की कार्रवाई*
आयोग ने मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव को दूसरा नोटिस भेजकर तय समय में पूरी जानकारी देने को कहा है। साथ ही भोपाल, रायसेन और सीहोर के लोगों से अपील की है कि वे सबूत, वीडियो या शिकायत NHRC की वेबसाइट पर दर्ज करें, ताकि पसमांदा मुसलमानों को सऊदी अरब में धर्मशालाओं का लाभ दिलाने में मदद मिले।
*पटौदी परिवार का कनेक्शन*
1961 में सैफ की दादी साजिदा सुल्तान को भोपाल के अंतिम नवाब की निजी संपत्तियों का वारिस घोषित किया गया था। 2011 में मंसूर अली खान पटौदी ने औकाफ-ए-शाही ट्रस्ट का प्रबंधन बेटी सबा सुल्तान को सौंप दिया। ट्रस्ट के पास भारत और सऊदी अरब में करोड़ों की संपत्तियां हैं।
*शिकायतकर्ता की मांगें*
इम्तियाज अली ने केंद्रीय वक्फ परिषद और भारतीय दूतावास को शामिल कर स्वतंत्र जांच, सबा सुल्तान को मुतवल्ली पद से हटाने, सभी विदेशी लेन-देन का फॉरेंसिक ऑडिट और तत्काल कूटनीतिक हस्तक्षेप की मांग की है।
उन्होंने सरकार को एक प्रस्ताव भी दिया है। इसके तहत मदीना की 7 और मक्का की 2 धर्मशालाओं के वाणिज्यिक उपयोग से होने वाली आय से हर साल भोपाल, रायसेन, सीहोर के 1000 हज यात्रियों को मुफ्त रहने, खाने और स्थानीय आवागमन की सुविधा दी जा सकती है। शेष राशि से पसमांदा मुस्लिमों को निशुल्क हज-उमरा कराया जा सकता है।
*विरोध की पृष्ठभूमि*
यह विवाद तब गरमाया जब भोपाल में महीने भर से विभिन्न समुदाय विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। लोगों को जानकारी मिली कि कई सालों में पहली बार पूर्व भोपाल रियासत के तीन जिलों के हज यात्रियों को मुफ्त आवास नहीं मिलेगा।

