यादों की स्याही और कागज की खुशबू
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01/09/2025
यादों की स्याही और कागज की खुशबू
एक युग का अंत: अलविदा ‘रजिस्टर्ड पोस्ट’, यादों की स्याही और कागज़ की ख़ुशबू 1 सितंबर 2025 से, भारतीय डाक…
सभी पशु दूध पीते है अपनी माँ का
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31/08/2025
सभी पशु दूध पीते है अपनी माँ का
दूध असल में अत्यधिक कामोत्तेजक आहार है और मनुष्य को छोड़कर पृथ्वी पर कोई पशु इतना कामवासना से भरा हुआ…
निजता बनाम पारदर्शिता
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29/08/2025
निजता बनाम पारदर्शिता
निजता बनाम पारदर्शिता : भारतीय चुनावी परिप्रेक्ष्य में एक संवैधानिक विमर्श भारतीय लोकतंत्र की सफलता का आधार उसकी पारदर्शिता और…
द ग्रेट बिहार पॉलिटिक्स
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29/08/2025
द ग्रेट बिहार पॉलिटिक्स
“द ग्रेट बिहार पॉलिटिक्स” : 1995-2005 का निर्णायक दशक भारतीय राजनीति में बिहार सदैव एक प्रयोगशाला रहा है। यदि कहा…
मीडिया घोषणा पत्र
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29/08/2025
मीडिया घोषणा पत्र
मीडिया घोषणापत्र : पत्रकारिता की आत्मा बचाने का चार्टर लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की नींव डगमगा चुकी है। सत्ता की…
जब नियमन झुकता है और जबाबदेही उड़नछू हो जाती है
ताज़ा ख़बरें
17/06/2025
जब नियमन झुकता है और जबाबदेही उड़नछू हो जाती है
“हवा में मौत की छाया: जब नियमन झुकता है, और जवाबदेही उड़नछू हो जाती है” 12 जून को अहमदाबाद में…
सच की चीख और मीडिया मौन लोकतंत्र का लहूलुहान आईना
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16/06/2025
सच की चीख और मीडिया मौन लोकतंत्र का लहूलुहान आईना
सच की चीख और मीडिया का मौन: लोकतंत्र का लहूलुहान आईना आज जब हर जेब में कैमरा है और हर…
लोकतंत्र का लहू लुहान आईना
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16/06/2025
लोकतंत्र का लहू लुहान आईना
सच की चीख और मीडिया का मौन: लोकतंत्र का लहूलुहान आईना आज जब हर जेब में कैमरा है और हर…