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डॉक्टर शांतनु दीक्षित को अतिरिक्त प्रभार सौंपने पर सवाल 21 अगस्त को मुख्यमंत्री से की शिकायत अतिरिक्त प्रभार हटाने की मांग, ग्रामीण

डॉ. शान्तनु दीक्षित को अतिरिक्त प्रभार देने पर सवाल, मुख्यमंत्री से शिकायत

 

ग्रामीणों ने नियमों का हवाला देकर जांच और सभी अतिरिक्त प्रभार हटाने की मांग की

 

टीकमगढ़। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अस्तौन में पदस्थ चिकित्सा अधिकारी डॉ. शान्तनु दीक्षित को सौंपे गए विभिन्न अतिरिक्त प्रभारों को लेकर ग्राम अस्तौन के ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से शिकायत की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि डॉ. दीक्षित को जिला स्वास्थ्य अधिकारी प्रथम, खंड चिकित्सा अधिकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ागांव, जिला नोडल अधिकारी पीएनडीटी तथा जिला नोडल अधिकारी जिला औषधि भंडार जैसे महत्वपूर्ण अतिरिक्त प्रभार सौंपे गए हैं।

 

शिकायतकर्ताओं ने बताया कि डॉ. शान्तनु दीक्षित की नियुक्ति वर्ष 2022 में चिकित्सा अधिकारी के रूप में हुई थी और वर्ष 2025 में उनका स्थानांतरण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खरगापुर से अस्तौन किया गया। आवेदन में दावा किया गया है कि उन्हें पूर्व में बड़ागांव बीएमओ के प्रभार से मुक्त किया गया था, लेकिन सितंबर 2025 में पुनः यही प्रभार सौंप दिया गया।

 

ग्रामीणों ने 14 अगस्त 2025 के लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के निर्देश का हवाला देते हुए कहा कि जिला स्वास्थ्य अधिकारी एवं बीएमओ जैसे महत्वपूर्ण प्रभारों के लिए निर्धारित योग्यता और अनुभव वाले अधिकारियों को प्राथमिकता देने के निर्देश हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि डॉ. दीक्षित की नियुक्ति वर्ष 2022 की होने के कारण पांच वर्ष की सेवा अवधि पूरी नहीं हुई है, इसलिए उनके प्रभारों की वैधता की जांच आवश्यक है।

 

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि अतिरिक्त जिम्मेदारियों के कारण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अस्तौन में मरीजों को पर्याप्त चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पा रही है और उन्हें उपचार के लिए करीब 30 किलोमीटर दूर जिला चिकित्सालय टीकमगढ़ जाना पड़ता है। वहीं बड़ागांव में संचालित योजनाओं में अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए गए हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

 

ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, नियमों के विरुद्ध पाए जाने वाले प्रभार हटाने तथा अस्तौन स्वास्थ्य केंद्र में नियमित चिकित्सकीय सेवाएं सुनिश्चित कराने की मांग की है।

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