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पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में पुलिस की दृश्य उपस्थिति से सुरक्षा व्यवस्था का व्यापक विस्तार संवेदनशील क्षेत्रों में सघन गस्त अपराध पर नियंत्रण

जिला रिपोर्टर सुरेश कुमार चौधरी टीकमगढ़

*पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में पुलिस की दृश्य उपस्थिति से सुरक्षा व्यवस्था का व्यापक विस्तार*

*संवेदनशील क्षेत्रों में सघन गश्त से अपराध पर प्रभावी नियंत्रण*

*थाना संवाद और सामुदायिक पुलिसिंग से सशक्त हुआ सूचना तंत्र और जनविश्वास*

*सतर्क पुलिसिंग, जनसहयोग और तकनीकी समन्वय से सुरक्षित टीकमगढ़ की ओर ठोस कदम*

जिले में कानून-व्यवस्था, सार्वजनिक सुरक्षा एवं शांति बनाए रखने के उद्देश्य से *टीकमगढ़ पुलिस द्वारा व्यापक सुरक्षा सुदृढ़ीकरण एवं निगरानी अभियान* निरंतर संचालित किया जा रहा है। इस अभियान का नेतृत्व *पुलिस अधीक्षक श्री मनोहर सिंह मंडलोई* स्वयं कर रहे हैं, जिनके कुशल निर्देशन में जिले की सुरक्षा व्यवस्था को *तकनीकी, रणनीतिक एवं मैदानी स्तर* पर उल्लेखनीय रूप से सशक्त किया गया है।

पुलिस अधीक्षक *श्री मनोहर सिंह मंडलोई* के स्पष्ट निर्देशों के परिणामस्वरूप जिले में *अपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण*, *त्वरित पुलिस प्रतिक्रिया* एवं *जन-सुरक्षा की अनुभूति* में स्पष्ट वृद्धि देखने को मिली है। सतर्क निगरानी एवं सक्रिय पुलिसिंग के चलते *असामाजिक तत्वों की गतिविधियों में कमी* आई है तथा आम नागरिकों में *विश्वास एवं सुरक्षा का भाव* मजबूत हुआ है।

*संवेदनशील क्षेत्रों में सख्त निगरानी – सकारात्मक परिणाम*

प्रमुख बाजारों, शासकीय भवनों, धार्मिक स्थलों, विद्यालयों, सार्वजनिक चौक-चौराहों एवं अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में *पैदल गश्त, मोबाइल पेट्रोलिंग एवं रात्रिकालीन चौकसी* बढ़ाए जाने के फलस्वरूप *संदिग्ध गतिविधियों की समय रहते पहचान* संभव हो सकी है।

अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती एवं सघन चेकिंग से *अवैध गतिविधियों पर अंकुश* लगा है तथा *वाहन जांच के दौरान नियम उल्लंघनकर्ताओं पर प्रभावी कार्रवाई* की गई है, जिससे यातायात अनुशासन एवं सार्वजनिक व्यवस्था में सुधार हुआ है।

पुलिस कंट्रोल रूम में स्थापित *इंटीग्रेटेड लाइव मॉनिटरिंग डेस्क* के माध्यम से *CCTV कैमरों एवं पेट्रोलिंग वाहनों की रियल-टाइम निगरानी* के कारण आपात स्थितियों में *त्वरित रिस्पॉन्स टाइम* सुनिश्चित हुआ है, जिससे कई संभावित घटनाओं को प्रारंभिक स्तर पर ही नियंत्रित किया जा सका।

*मैदानी पुलिसिंग से बढ़ी कार्यक्षमता*

सभी थाना क्षेत्रों में *अनिवार्य फुट पेट्रोलिंग* लागू होने से पुलिस की *दृश्य उपस्थिति* बढ़ी है, जिसका सीधा सकारात्मक प्रभाव *अपराध निवारण* पर पड़ा है। स्कूलों, कोचिंग संस्थानों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन एवं प्रमुख मार्गों पर पुलिस की सक्रियता से *महिला, छात्र एवं आम नागरिक स्वयं को अधिक सुरक्षित महसूस कर रहे हैं*।

हाईवे एवं सीमावर्ती क्षेत्रों में *मोबाइल चेकिंग प्वाइंट* स्थापित कर की गई सघन जांच से *अवैध आवागमन एवं संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण* स्थापित हुआ है। रात्रिकालीन *फ्लैश पेट्रोलिंग एवं आकस्मिक चेकिंग* के चलते अपराधियों में *भय का वातावरण* बना है।

**सामुदायिक पुलिसिंग से जनविश्वास में वृद्धि*

*“थाना संवाद”* कार्यक्रमों के माध्यम से पुलिस एवं नागरिकों के बीच *सीधा संवाद* स्थापित हुआ है, जिसके परिणामस्वरूप *सूचना तंत्र अधिक सशक्त* हुआ है और नागरिक *स्वेच्छा से पुलिस को सहयोग* प्रदान कर रहे हैं।

साइबर सेल द्वारा सोशल मीडिया पर *अफवाहों एवं भ्रामक संदेशों* पर सतत निगरानी के कारण *सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर नियंत्रण* संभव हुआ है। साथ ही होटल, लॉज, किरायेदारों एवं श्रमिकों के *सत्यापन अभियानों* से *सुरक्षा जोखिमों में कमी* आई है।

*पुलिस अधीक्षक का संदेश*

पुलिस अधीक्षक *श्री मनोहर सिंह मंडलोई* ने कहा—

> *“सतर्क पुलिसिंग, तकनीकी निगरानी और जनसहयोग के माध्यम से जिले में शांति एवं सुरक्षा के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। टीकमगढ़ पुलिस आगे भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करती रहेगी।”*

टीकमगढ़ पुलिस जिले में *सुरक्षित, शांतिपूर्ण एवं विश्वासपूर्ण वातावरण* बनाए रखने हेतु *परिणामोन्मुखी कार्यशैली* के साथ निरंतर कार्यरत है।

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