
नीमच -21 जून। अंचल में रिकॉर्ड तोड़ प्रचण्ड गर्मी का दौर बदस्तूर जारी है, गर्म हवाएं लोगों को झुलसाने लगी है,और दिन भर तीखी धूप ने लोगों को घरों में रहने को मजबूर कर दिया है। चीता खेड़ा अंचल में सीजन में पहली बार पारा 43 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। मंगलवार को अल सुबह से ही सूर्य देव के उदय होते ही अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिये थे , मंगलवार को सीजन का सबसे गर्म दिन रहा और अधिकतम तापमान 43 डिग्री से भी अधिक रहा। वहीं दोपहर तक प्रचंड गर्मी के बीच लोग गर्मी से परेशान हो गए और पसीने से हर किसी को तर-बतर होते हुए देखा गया। लू के थपेडों ने आम आदमी को घरों से बाहर निकलने नहीं दिया ।जिससे मुख्य बाजार एवं व्यस्ततम मार्गों पर भी कर्फ्यू नुमा सन्नाटा दिखाई दिया।
भीषण गर्मी से आमजन बेहाल हो गए और सड़कों व बाजार में दोपहर को लू के थपेडों ने सन्नाटा पसरा दिया। मंगलवार को सुबह से ही तपिश का अहसास करा दिया था। हालांकि दोपहर बाद आसमान में हल्के बादलों ने डेरा जमा दिया जिससे बावजूद भी उमस भरी गर्मी में हरकोई पसीने से तरबतर दिखाई दिया।
*भीषण लू के थपेडों से बच्चे, बुजुर्गों ओर महिलाओं को उल्टी-दस्त, सर्दी -खांसी व बुखार की शिकायत ज्यादा हो रही है इससे बचने की जरूरत है*–
गर्मी के तेवर लगातार तल्ख होते जा रहे हैं।गर्म लू के थपेडों से जनजीवन बूरी तरह प्रभावित हो रहा है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ एएनएम तरुणा कनिक ने सलाह दी है कि मौसम में बदलाव से पेट दर्द, उल्टी -दस्त, बुखार आदि पीड़ितों की दिनों दिन बढ़ती संख्या में वृद्धि होती जा रही है। बड़ी संख्या में मौसमी बीमारियों से शासकीय एवं निजी चिकित्सालयों में उपचार कराने पहुंच रहे हैं। गर्मी से बचाव के तमाम जतन के बीच अब हीटवेव से बचने के लिए एडवाइजरी जारी की गई है। इसमें ठंडी तासीर के पदार्थों का सेवन करने के साथ पर्याप्त पानी पीने और जूस का उपयोग करने के साथ धूप से बचने तक की एवं मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी का उपयोग करने की दी। कहा कि विशेष कर बच्चों एवं बुजुर्गों व महिलाओं को इस भीषण गर्मी से एकदम बरसात से ठंडा मौसम तथा ठंडे मौसम से एकदम गर्म मौसम के बदलाव से शरीर के तापमान में परिवर्तन से शरद गर्मी चढ़ जाने से स्वास्थ्य बिगड़ जाता है और व्यक्ति बीमार हो जाता है।



