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महात्मा ज्योतिबा फूले जी की 197 वी जयंती माली समाज भवन जैसलमेर में मनाई

महात्मा ज्योतिबा फूले जी की 197 वी जयंती माली समाज भवन जैसलमेर में मनाई

संवाददाता : कोजराज परिहार / जैसलमेर

जैसलमेर महान समाज सुधारक,लेखक, महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती “माली समाज भवन डेडानसर”में मनाई गई
जयंती के इस महान अवसर पर उपस्थित प्रभुत्जन,युवाओं ने मिलकर महात्मा ज्योतिबा फुले जी के महान कार्यों को स्मरण किया और उनकी प्रेरणा से समाज में न्याय और समानता की ओर बढ़े ज्योतिबा फुले जी के आदर्शों को याद किया और उनके संदेश को समाज में फैलाने के साथ एक सशक्त और समृद्ध समाज की ओर अग्रसर होंने की प्रतिज्ञा ली !
इस अवसर पर मेघराज परिहार(महात्मा ज्योतिबा फुले संस्थान संघ के अध्यक्ष) महात्मा ज्योतिबा फुले के जीवन और उनके योगदान के बारे में बताते हुए कहा कि ज्योतिबा फूले एक महान समाज सुधारक थे, जिन्होंने अपने जीवन के दौरान महिला शिक्षा के महत्व को समझाया और दलितों और पिछड़ों के लिए समानता के लिए लड़ाई लड़ी।
माली समाज के अध्यक्ष देवीलाल पँवार ने कहा कि ज्योतिबा जी की सोच ने भारतीय समाज को एक नया आदर्श दिया और उनके योगदान के बिना हमारा देश नहीं होता।
पूर्व बीसूका अध्यक्ष व माली समाज के सरंक्षक देवकाराम माली ने बताया कि ज्योतिबा फूले ने अपने जीवन के दौरान एक शिक्षाविद के रूप में काम किया,हमे उनके पदचिन्हों पर वर्तमान में चलने की जरूरत है ।
महात्मा ज्योतिबा फुले सेवा संस्थान देवा के अध्यक्ष कैलाश कछवाहा ने कहा कि भारत फुले ने महिला जाति सेवा समाज की स्थापना की,जो महिलाओं को शिक्षा और आर्थिक स्वतंत्रता के लिए सक्षम बनाने के लिए काम करती है। राजेन्द्र कुमार सैनी ने बताया कि उन्होंने दलितों के लिए शिक्षा के लिए लड़ाई लड़ी और उन्हें समानता के अधिकार के लिए लड़ने के लिए प्रेरित किया।
युवाओ को शिक्षा से निरंतर जुड़े रहने का आह्वान किया ।
शिवदान राम पारेवर ने बताया कि ज्योतिबा फूले के द्वारा बताये मार्ग पर चले शिक्षा के महत्व को ज़्यादा समझाए ।
मालाराम हड्डा,घनश्याम परिहार,भूपेंद्र कुमार धायसर, मुकेश कुमार बारुपाल ने भी अपने विचार रखें
मौजूद रहे:-जेठाराम पँवार, अमित दीनदयाल, चन्द्र प्रकाश, धर्मेंद्र कछवाहा,मूलचंद सोलंकी,सुरेश सौलंकी,भोजराज, कोजराज,महेशकुमार,मूलाराम,
पपुराम,शिवदान राम,रमेश कुमार,धाराराम केसरा राम बारुपाल, सवाई परिहार,कमलेश सोलंकी,गोपीचंद, प्रेम कुमार सौलंकी,सवाई लाल,अनिल भाटी,दिनेश सौलंकी,पदम कुमार,मौजूद रहे

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