

बालोद, 08 अक्टूबर 2026/
एसिड अटैक से पीड़ित युवती को हुए शारीरिक, मानसिक एवं आर्थिक नुकसान को ध्यान में रखते हुए आपराधिक चोट क्षतिपूर्ति बोर्ड की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। श्री श्याम लाल नवरत्न, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश बालोद एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालोद की अध्यक्षता में हुआ। बैठक का उद्देश्य पीड़िता को शीघ्र न्याय दिलाने के साथ-साथ उसे नियमानुसार क्षतिपूर्ति, उपचार एवं आवश्यक विधिक सहायता उपलब्ध कराना रहा। बैठक में एसिड अटैक पीड़िता की वर्तमान स्थिति, उपचार में होने वाले खर्च, भविष्य में आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं तथा घटना से हुए शारीरिक एवं मानसिक नुकसान पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने पीड़िता के सामने आ रही कठिनाइयों और उसके पुनर्वास से जुड़े पहलुओं की भी जानकारी ली। पीड़िता को नियमानुसार क्षतिपूर्ति एवं आवश्यक विधिक सहायता उपलब्ध कराने के संबंध में गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया। बैठक के दौरान संबंधित अधिकारियों द्वारा पीड़िता के मामले से जुड़े आवश्यक दस्तावेज, चिकित्सकीय रिपोर्ट एवं अन्य महत्वपूर्ण जानकारी प्रस्तुत की गई। अधिकारियों ने प्रकरण की स्थिति की समीक्षा करते हुए पीड़िता को न्याय दिलाने तथा शासन द्वारा निर्धारित प्रावधानों के अंतर्गत उचित सहायता एवं क्षतिपूर्ति उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई पर चर्चा की गई। साथ ही क्षतिपूर्ति प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने और पीड़िता को किसी प्रकार की असुविधा न हो इस संबंध में भी आवश्यक निर्देश दिए गए।
श्री श्याम लाल नवरत्न, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने कहा कि एसिड अटैक जैसी गंभीर घटनाओं से प्रभावित पीडितों को समय पर न्याय, बेहतर उपचार, मानसिक सहयोग एवं क्षतिपूर्ति उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पीड़िता को विधिक सहायता प्रदान करने के साथ-साथ उसके सम्मानजनक जीवन और पुनर्वास के लिए भी हरसंभव सहयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को पीड़िता के हित में नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा प्रकरण में संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक श्री किरण गंगाराम चव्हाण, सुश्री भारती कुलदीप, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सिविल सर्जन डाॅ. आर. के. श्रीमाली उपस्थित रहे। अधिकारियों ने पीड़िता को शासन की विभिन्न योजनाओं और विधिक प्रावधानों के तहत मिलने वाली सहायता की जानकारी उपलब्ध कराने पर भी चर्चा की। बैठक का उद्देश्य पीड़िता को विधिक संरक्षण प्रदान करने के साथ-साथ उसे नियमानुसार क्षतिपूर्ति, उपचार, पुनर्वास एवं अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना रहा।













