
खरगापुर तहसील कार्यालय में SDM का छापा, तहसीलदार समेत कई अफसर नदारद; किसानों ने खोला मोर्चा
खरगापुर (मप्र)। प्रशासनिक ढर्रे को दुरुस्त करने और व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए गुरुवार सुबह करीब 11 बजे बल्देवगढ़ SDM निशांत भूरिया ने खरगापुर तहसील कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। SDM के अचानक पहुँचते ही कार्यालय में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों की भारी लापरवाही उजागर हुई, जहाँ तहसीलदार समेत आधा दर्जन से अधिक अधिकारी-कर्मचारी बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित पाए गए।
निरीक्षण का हाल: कौन मिला उपस्थित, कौन गायब
अनुपस्थित अफसर व अमला: खरगापुर तहसीलदार ओम प्रकाश गुप्ता, नायब तहसीलदार कुड़ीला (सूर्य प्रकाश खरे), लीडर राजेंद्र कुमार माली, विनोद कुमार चढ़ार और नाजिर भरत भारती कार्यालय से नदारद मिले।
मौके पर मिले कर्मचारी: निरीक्षण के समय केवल लीडर अमित पांडे, कुड़ीला कोर्ट का स्टाफ और पटवारी बृजेश जैन ही अपनी सीट पर मौजूद मिले।
अप-डाउन का खेल और ग्रामीणों की फजीहत
स्थानीय ग्रामीणों और किसानों का आरोप है कि तहसील से जुड़े अधिकतर जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारी मुख्यालय पर निवास नहीं करते। वे प्रतिदिन निजी वाहनों, बसों या ट्रेनों से अप-डाउन करते हैं। इसी ‘आवागमन संस्कृति’ के कारण आम जनता को छोटे-छोटे राजस्व कार्यों और शिकायतों के निराकरण के लिए चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
किसान ने दिखाया पुराना वीडियो, खोला अवैध खनन का पोल
निरीक्षण के दौरान वार्ड क्रमांक 1 (सती माता मंदिर के पास) के किसान अखिलेश यादव ने SDM के सामने एक पुराना वीडियो पेश कर प्रशासनिक कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए।
क्या है वीडियो में: वीडियो में पूर्व तहसीलदार सत्य प्रकाश शुक्ला किसानों को रास्ता देने और उसे ऊँचा करवाने का आश्वासन देते नजर आ रहे हैं।
जमीनी हकीकत: किसानों का कहना है कि आश्वासन के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई और तत्कालीन तहसीलदार का स्थानांतरण हो गया।
अवैध खनन से रास्ता ठप: किसानों का आरोप है कि क्षेत्र में धड़ल्ले से हो रहे अवैध खनन के कारण खेतों तक पहुँचने वाला मुख्य मार्ग पूरी तरह बर्बाद होकर बंद हो चुका है। किसान अब इस मुद्दे को लेकर एकजुट होकर बड़ा ज्ञापन देने की तैयारी में हैं।
SDM का सख्त रुख
“अतिवृष्टि के कारण कुछ कर्मचारियों की ड्यूटी अन्य राहत कार्यों में लगाई गई थी। हालांकि, निरीक्षण के दौरान जो भी अधिकारी या कर्मचारी बिना किसी उचित कारण या स्वीकृति के अनुपस्थित पाए गए हैं, उन पर नियमानुसार सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।”
— निशांत भूरिया,
SDM (बल्देवगढ़

