
जिला रिपोर्टर सुरेश कुमार चौधरी टीकमगढ़ 
*संवेदनशील नेतृत्व का सशक्त उदाहरण – SP श्री मनोहर सिंह मंडलोई ने पुलिसकर्मियों के साथ किया आत्मीय संवाद*
*खुशियों में साझेदारी—पुलिस अधीक्षक ने पुलिसकर्मी के विवाह की खुशी में मुंह मीठा करा प्रदाय किया दीर्घअवकाश*
*पुलिस अधीक्षक का मानवीय पहल,कर्मचारियों की समस्याओं के निराकरण हेतु विशेष पहल*
पुलिस बल को एक प्रशासनिक इकाई नहीं, बल्कि एक सशक्त एवं संवेदनशील परिवार मानते हुए *पुलिस अधीक्षक श्री मनोहर सिंह मंडलोई* द्वारा दिनांक 07 अप्रैल 2026 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में अधिकारियों एवं कर्मचारियों से आत्मीय संवाद स्थापित किया गया। इस दौरान उनके स्वास्थ्य, पारिवारिक परिस्थितियों, मानसिक स्थिति एवं कार्य-जीवन संतुलन से जुड़े विषयों को गहराई से समझते हुए समाधान की दिशा में सार्थक पहल की गई।
*समस्याओं को सुना नहीं, समझा गया*
इस संवाद में जिले के 20 आरक्षक, प्रधान आरक्षक, सहायक उप निरीक्षक एवं उप निरीक्षक स्तर के कर्मचारियों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की गई। प्रत्येक कर्मचारी की बात को धैर्य, सहानुभूति और गंभीरता से सुना गया, जिससे उन्हें खुलकर अपनी परिस्थितियाँ साझा करने का अवसर मिला।
*खुशियों में साझेदारी – मानवीय स्पर्श का उदाहरण*
एक पुलिसकर्मी द्वारा अपने आगामी विवाह हेतु अवकाश का अनुरोध किए जाने पर *पुलिस अधीक्षक ने उसे स्नेहपूर्वक बधाई दी, मुंह मीठा* कराया और उसके अवकाश आवेदन पर त्वरित एवं उदारतापूर्वक निर्णय लेते हुए अवकाश स्वीकृत किया। इस आत्मीय पहल से पूरे वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ।
*दर्द को समझा, सहारा बना पुलिस प्रशासन*
संवाद के दौरान एक पुलिस कर्मचारी ने अपने परिजन की गंभीर बीमारी के कारण मानसिक तनाव की स्थिति साझा की। पुलिस अधीक्षक ने संवेदनशीलता दिखाते हुए उसे दीर्घ अवकाश स्वीकृत किया तथा बेहतर उपचार एवं परामर्श की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस सहयोग से कर्मचारी भावुक हो उठा और इसे पारिवारिक संबल के रूप में अनुभव किया।
*निर्देशों में संवेदनशीलता, कार्यवाही में तत्परता*
पुलिस अधीक्षक द्वारा संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि—
* सभी लंबित अवकाश आवेदनों का त्वरित निराकरण किया जाए
* बीमारी एवं पारिवारिक संकट के मामलों को प्राथमिकता दी जाए
* प्रत्येक प्रकरण में मानवीय दृष्टिकोण के साथ निष्पक्ष निर्णय सुनिश्चित किया जाए
उन्होंने स्पष्ट किया कि *कर्मचारी कल्याण ही प्रभावी पुलिस व्यवस्था की आधारशिला है*।
*विश्वास, सहयोग और संवेदना का संदेश*
इस पहल से पुलिस बल में यह विश्वास और मजबूत हुआ है कि संगठन अपने प्रत्येक सदस्य के साथ खड़ा है। इससे न केवल कार्यक्षमता में वृद्धि होगी, बल्कि पुलिस और समाज के बीच विश्वास एवं संवेदनशीलता का संबंध भी सुदृढ़ होगा।
*टीकमगढ़ पुलिस – संवेदनशील नेतृत्व, सशक्त परिवार*
टीकमगढ़ पुलिस अपने प्रत्येक सदस्य के साथ संवेदनशीलता, सहयोग और विश्वास के साथ खड़ी है—क्योंकि एक मजबूत पुलिस बल की नींव एक सशक्त और समर्थ पुलिस परिवार ही होता है।

