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“संघर्ष से शिखर तकः एक ही परिवार के दो सितारों ने राष्ट्रीय मंच पर लहराया परचम”

भाई बहन की जोड़ी ने रचा इतिहासः भूमि ने जीता गोल्ड, यश ने सिल्वर, बालोद का बढ़ाया मान

 

बालोद जिले की प्रतिभा ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज कराई है। राष्ट्रीय पावरलिफ्टिंग प्रतियोगिता 2026 आगरा में भाई बहन की जोड़ी भूमि नेभवानी (राजपूत) और यश सिंह नेभवानी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश का नाम रोशन किया।

जहां भूमि ने 63 किलोग्राम सब जूनियर वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर पहला स्थान हासिल किया, वहीं उनके भाई यश सिंह नेभवानी ने 59 किलोग्राम जूनियर वर्ग में रजत पदक जीतकर दूसरा स्थान प्राप्त किया।

दोहरी खुशी: एक ही मंच पर गोल्ड और सिल्वर

भूमि ने अपने वर्ग में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए: स्क्वाट: 62.5 किलोग्राम, बेच प्रेस: 25 किलोग्राम और डेडलिफ्टः 65 किलोग्राम, कुल 152.5 किलोग्राम वजन उठाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। वहीं उनके भाई यश सिंह नेभवानी ने शानदार ताकत का प्रदर्शन करते हुए कुल 227.5 किलोग्राम वजन उठाकर रजत पदक हासिल किया।

देशभर से 500 से अधिक खिलाड़ियों के बीच यह उपलब्धि बालोद के लिए गर्व का क्षण बन गई है।

लगातार सफलता: पहले भी जीत चुके है पदक

दोनो भाई बहन इससे पहले भी राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओ में पदक जीत चुके है। यह सफलता उनके निरंतर अभ्यास, अनुशासन और खेल के प्रति समर्पण को दर्शाती है।

जानिए उनके विरासत और संघर्ष की प्रेरणादायक कहानी

भूमि और यश एक ऐसे परिवार से आते है, जहां संघर्ष और संस्कार दोनों की गहरी छाप है।

वे स्वर्गीय श्री होला राम सिंह राजपूत (नेभवानी) के पौत्र पौत्री है, जो अपने समय के वरिष्ठ एवं जनप्रिय राजनेता रहे है। उनके पिता स्वर्गीय श्री देवानंद सिंह नेभवानी एक कराटे प्रशिक्षक थे, जिनका निधन दोनों के बचपन में ही हो गया था।

इसके बाद उनकी माता श्रीमती हिमांशी देवानंद नेभवानी ने कठिन परिस्थितियों में दोनों का पालन पोषण किया और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। आज उनकी मेहनत और संस्कार ही इन दोनों की सफलता के पीछे सबसे बड़ी ताकत बनकर सामने आए है।

कोच का रहा सार्थक मार्गदर्शन

दोनो खिलाड़ि‌यों की सफलता में उनके कोच मुनीन्द्र कुमार साहू (सन्नी) का अहम योगदान रहा है, जिनके मार्गदर्शन में उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की तैयारी की और यह मुकाम हासिल किया।

भविष्य का लक्ष्यः अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर नजर

जहां भूमि नेभवानी का लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओ में देश के लिए स्वर्ण पदक जीतना है, वहीं यश सिंह नेभवानी भी भारत का प्रतिनिधित्व कर वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बनाना चाहते है।

वर्तमान में यश सिंह भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के सोशल मीडिया प्रभारी के रूप में भी सक्रिय है, लेकिन उनका मुख्य फोकस खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन करना है।

युवाओ के लिए प्रेरणा स्रोत बनी भाई बहन की यह जोड़ी

एक ही परिवार के दो खिलाड़ि‌यों द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतना बालोद जिले के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है।

भूमि और यश ने यह साबित कर दिया है कि संघर्ष, अनुशासन और परिवार के सहयोग से कोई भी सपना सच किया जा सकता है। यह भाई बहन की जोड़ी आज युवाओ के लिए प्रेरणा बन चुकी है और आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का नाम रोशन करने की पूरी क्षमता रखती है।

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