
जिला रिपोर्टर सुरेश कुमार चौधरी टीकमगढ़
*पलेरा में अकीदत के साथ मनाई गई ईद: ईदगाह और बुल-बुले हिंद मस्जिद में गूंजी अमन-चैन की दुआ, सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम*
*सौहार्द की मिसाल: पलेरा नगर में हर्षोल्लास के साथ अदा की गई ईद की नमाज, गले लगकर दी मुबारकबाद।*
पलेरा (टीकमगढ़)। रहमतों और बरकतों के मुकद्दस महीने रमजान के मुकम्मल होने पर आज पलेरा नगर सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में ईद-उल-फितर का त्यौहार पूरे अकीदत और पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। नगर की मुख्य ईदगाह और मस्जिदों में हजारों की संख्या में मुस्लिम समाज के लोगों ने नमाज अदा की और मुल्क में अमन, चैन व भाईचारे के लिए बारगाहे इलाही में हाथ फैलाकर दुआएं मांगी। निर्धारित समय पर अदा की गई नमाज ।नमाजियों की सहूलियत को देखते हुए पलेरा में दो अलग-अलग समय पर नमाज का आयोजन किया गया था। सबसे पहले मुख्य ईदगाह में सुबह 8:25 बजे सामूहिक नमाज अदा की गई, जिसमें नगर के बुजुर्गों, युवाओं और बच्चों ने शिरकत की। इसके ठीक बाद बुल-बुले हिंद मस्जिद में सुबह 8:30 बजे नमाज संपन्न हुई। सफेद लिबास और सिर पर टोपी पहने नमाजियों की कतारें अनुशासन और एकता का जीवंत उदाहरण पेश कर रही थीं। गले लगकर दी मुबारकबाद, *फिजाओं में घुली मिठास नमाज मुकम्मल होने और* खुतबा पढ़ने के बाद जैसे ही ‘ईद मुबारक’ का सिलसिला शुरू हुआ, पूरा परिसर खुशियों से सराबोर हो गया। लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की दिली मुबारकबाद पेश की। बच्चों में ईद को लेकर खासा उत्साह देखा गया, जो नए कपड़ों में सजे-धजे ईदी पाकर निहाल नजर आए। आपसी गिले-शिकवे भुलाकर गले मिलने का यह दृश्य भारतीय संस्कृति और भाईचारे की मिसाल बना।
प्रशासनिक सतर्कता और चाक-चौबंद सुरक्षा पर्व के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। ईदगाह और मस्जिदों के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। वरिष्ठ अधिकारियों ने स्वयं मोर्चा संभालते हुए सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। पुलिस की सक्रियता के चलते नमाज के दौरान यातायात व्यवस्था भी सुचारू रही और कहीं भी जाम की स्थिति निर्मित नहीं हुई। *जनप्रतिनिधियों ने दी दिली मुबारकबाद इस* विशेष अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक भी मौजूद रहे। उन्होंने मुस्लिम भाइयों से मुलाकात कर उन्हें ईद की बधाई दी। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि ईद का यह त्यौहार हमें प्रेम और परोपकार का संदेश देता है और समाज को एकता के सूत्र में पिरोता है। अमन और चैन की दुआ
नमाज के अंत में इमाम साहब ने मुल्क की तरक्की, आपसी सौहार्द और खुशहाली के लिए दुआ कराई। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि इस्लाम शांति और भाईचारे का मजहब है और हमें हमेशा इंसानियत की खिदमत के लिए तैयार रहना चाहिए। इस मौके पर सासंद प्रतिनिधि सुनील खटीक,हाफिज मुजीम खान जमा मस्जिद पेश इमाम पलेरा, बफ़्फ़ू माते,अब्दुल बहिद खान, ईशब सेक्रेट्री, रुस्तम खान, हाजी जमील खान, अब्दुल लतीफ खान,बाबू जी, मौलवी अजीज खान, रशीद खान, वाहिद खान, मुस्ताक खान, समद खान, अजीज खान सहित मुस्लिम समुदाय के लोग मौजूद।।

