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लखनऊ उत्तरप्रदेश। अंशिका के जाल मे वर्तमान मे तैनात एक सीओ सहित शहर मे तैनात 15 पुलिसकर्मी भी फंस चूके थे। लखनऊ उत्तर प्रदेश से राजेश कुमार यादव की खास रिपोर्ट

 

अंशिका के जाल मे  वर्तमान मे अयोध्या मे तैनात  एक सीओ  सहित शहर मे तैनात 15पुलिसकर्मी भी फंस चुके थे ।

लखनऊ उत्तरप्रदेश से राजेश कुमार यादव की खास रिपोर्ट

गोरखपुर के सिंघड़िया में अस्पताल मैनेजर पर गोली चलाने की आरोपी अंशिका सिंह उर्फ अंतिमा वीडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर बीते पांच साल में दुष्कर्म के फर्जी केस में फंसाने की धमकी देकर करीब डेढ़ सौ लोगों से धनउगाही कर चुकी है। हरपुर-बुदहट क्षेत्र के झुड़िया बाबू गांव की रहने वाली अंशिका के जाल में वर्तमान में अयोध्या में तैनात एक सीओ सहित शहर में तैनात 15 पुलिसकर्मी भी फंस चुके थे। वह मैसेंजर के जरिये लोगों से संपर्क बढ़ाती थी।

पुलिस की जांच में पता चला है कि वर्ष 2021 में अंशिका ने सबसे पहले सोपरा देवरिया के रहने वाले राज विश्वकर्मा के खिलाफ दुष्कर्म, धमकी और पॉक्सो एक्ट में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। सुलह के नाम पर उसने लाखों रुपये ऐंठे। वर्ष 2023 में वह संतकबीरनगर के थाना कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्र में किराए के मकान में रहने लगी थी।

‘फर्जी मामले में फंसाने की धमकी देकर 50 हजार रुपये वसूले थे’

बताया जा रहा है कि जब सूरज ने रुपये देकर सुलह नहीं की तो उसके जेल से छूटने के एक सप्ताह बाद ही अंशिका ने दुष्कर्म की नई रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। अंशिका ने खलीलाबाद के ही कसैला निवासी प्रियांशु सिंह को भी फर्जी मामले में फंसाने की धमकी देकर 50 हजार रुपये वसूले थे। प्रियांशु के पिता जगन्नाथ सिंह ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।

गीडा थाने के दरोगा से की थी वसूली

जांच में पता चला है कि मैसेंजर एप के जरिये अंशिका ने अयोध्या में तैनात एक सीओ सहित करीब 15 पुलिसकर्मियों से संपर्क कर वीडियो कॉल की रिकॉर्डिंग कर ली थी और दुष्कर्म के फर्जी मामले में फंसाने की धमकी देकर धन उगाही की। कुछ दिन पहले ही गीडा थाने में तैनात एक उपनिरीक्षक से इसी तरह की बातचीत के बाद उसने धन की मांग की थी।

एक सप्ताह पहले थाने में चली करीब पांच घंटे की पंचायत के बाद कैश और सोने की चेन देकर मामले को रफा-दफा किया गया था। सूत्रों के मुताबिक अंशिका के मोबाइल में कई लोगों से वीडियो कॉल और चैट की रिकॉर्डिंग मिली है। पीड़ितों में आम लोग, सीओ रैंक के अधिकारी और कुछ नेता भी शामिल हुए है।

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