
बैजनाथ:
रितेश सूद:मकर संक्रांति के पावन अवसर पर ऐतिहासिक शिव मंदिर बैजनाथ में आयोजित होने वाले परंपरागत घृत मंडल का पर्व शुरू हो गयाl
इस बार 3,25 क्विंटल के घी से भोले बाबा का श्रृंगार किया गया,सबसे पहले शुद्ध देसी घी को 108 बार ठंडे पानी से धोया जाता है, जिसके बाद वो मक्खन का रूप ले लेता है l बुधवार दोपहर बाद मक्खन को
शिव की पिंडी मे लगाने का कार्य शुरू किया गया,देर शाम को पिंडी पर घृत मंडल सजाया गयाl उसके बाद सूखे मेवो से भोले बाबा का रूप बनाया गया, हर बार पिंडी पर अलग अलग रूप के दर्शन होते हैl 7 दिन तक घृत मंडल को यथावत रखा जाता है, जिसके बाद इसे श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में बांटा जाता है, मान्यता है कि इस प्रसाद का लेप चर्म रोग पर लगाने से पुराना चर्म रोग ठीक हो जाता हैl इन 7 दिन के पर्व के उपलक्ष्य पर प्रदेश सहित बाहरी राज्य से भी श्रद्धालु मंदिर में दर्शन करने के लिए आते हैंl वही इसके साथ महाकाल मंदिर, पुठे चरण मंदिर, पलिकेश्वर महादेव और संसाल मंदिर में भी घृत मंडल भोले बाबा की पिंडी का श्रृंगार किया गया l

