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शाम होते ही ढाबा,होटल बन जाती है मधुशाला,शराब की होती है कालाबाजारी 

शाम होते ही ढाबा,होटल बन जाती है मधुशाला,शराब की होती है कालाबाजारी

 

गुमला जिले के कामडारा प्रखंड क्षेत्र में ऐसे तो कई होटल या ढाबे में खाना नाश्ता वगैरा मिल ही जाता है लेकिन इन ढाबे होटल का दूसरा रूप मधुशाला की तरह शाम होते परिवर्ती होने लग जाता है जहां शराब की कला बाजारी खुलेआम शुरू हो जाता है ,इन होटलों में शराब पिलाने के अलग व्यवस्था भी बनाई गई है और ये होटल संचालक अपने ग्राहकों को बेफिक्री से शराब पीने का सुरक्षा भी देने वादा भी करते हैं । बता दें कि कामडारा

में सरकारी अनुज्ञप्ति की शराब की दुकान भी है लेकिन सड़क पर बने होटलों ढाबों शराब की खुले बिक्री कई सवाल खड़ी करती है आम तौर से देखा जाए तो शराब की दुकान से सरकार को राजस्व की प्राप्ति होती है और नकली नही होने की गारंटी होती है लेकिन इन होटलों और ढाबों में शराब कहां से और कैसे पहुंचती है क्या शराब असली है या नकली ये एक रहस्य बना हुआ है। बहरहाल ऐसे मामलों में अब जरूरत है एक सख्ती से इन व्यापार पर लगाम कसने की चूंकि शराब से भले होटल ढाबे वाले पैसे कमा रहे हैं लेकिन देखा जाय तो ये मौत के सौदागर बने हुए हैं ।अब देखना है प्रशासन इन कलाबाजारियों पर कब और क्या कार्यवाई करती है और समाज को कैसे सुरक्षित करती है

 

*✒️रंजन साहू कामडारा*

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