
ब्यूरो रिपोर्ट.. अनुराग तिवारी
बांदा. राज्याभिषेक की कथा का वर्णन किया गया। पूरे परिसर में जय श्रीराम के जयकारे गूंजते रहे। अंतिम दिन श्री राम कथा के अंतिम प्रसंगों का वर्णन किया। युद्ध में जीत के साथ श्री राम ने लंकापति रावण का वध किया। श्रीराम ने विभीषण का राज्याभिषेक किया। उन्हें लंका का राजपाट सौंपा। माता सीता को साथ लेकर अयोध्या वापस लौटे।प्रजा ने श्री राम, माता सीता, भ्राता लक्ष्मण और हनुमान जी का भव्य स्वागत किया। भगवान श्रीराम का राज्याभिषेक किया गया। कथा के समापन पर लड्डू गोपाल जी की आरती की गई। पूरे परिसर में भगवान श्रीराम के जयकारे गूंजते रहे।कथा व्यास श्री श्री 108 श्री राम हृदय दास जिज्ञासु महाराज (रामायणी कुटी चित्रकूट)श्री रामकथा आयोजन समिति रामलीला मैदान महेश्वरी देवी रोड के तत्वावधान में आयोजित संगीतमयी श्रीराम कथा के दौरान.मुख्य यजमान मीना मिश्रा,सात ही अशोक त्रिपाठी अध्यक्ष, विजय बहादुर सिंह परिहार महामंत्री,प्रेमकिशोर श्रीवास्तव पप्पू कोषाध्यक्ष, रामदेव दीक्षित, प्रेमनारायण दि्वेदी, कल्याण सिंह, बीके सिंह,सत्यदेव त्रिपाठी, राजेश सिंह ममता चौहान, मनीष तिवारी, रणधीर सिंह, स्वयंबर सिंह,विजय गुप्ता विजय ओमर जगराम सिंह, रामदत्त पांडेय, अमिता बाजपेई लालू दुबे, शिवशंकर भोले,गौरव चौरसिया जयशंकर तिवारी विजय ओमर आलोक सिंह योगी, प्रदीप कुमार,अशोक त्रिपाठी,प्रधान धीरेन्द्र सिंह महोखर, रागनी गुप्ता सुनीता गुप्ता नंदिता चौहान, सरिता नेहा सुमन कीरन मिथलेश पवन पांडेय, ललित मिश्रा, संजू कटियार, अनूप शुक्ला, विनय पांडे, संजीव पांडेय, दीप ¨सह, बबलू मिश्रा, नितिन शर्मा, संजय सविता, रामजी दुबे, रामदेव शुक्ला, उमाकांत शुक्ला, रामजी तिवारी, शैलेंद्र शुक्ला, सर्वेश मिश्रा, न्यूज बड़कू भइया उपस्थित रहे l

