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सतनाम सतनाम वाहे गुरु वाहे गुरु के बोल और भजन कीर्तन के साथ सिख समाज द्वारा नगर में निकाली जा रही है प्रभात फेरी।

सतनाम सतनाम वाहे गुरु वाहे गुरु के बोल और भजन कीर्तन के साथ सिख समाज द्वारा नगर में निकाली जा रही है प्रभात फेरी।


 देश 24 लाइव न्यूज़ रिपोर्टर- राजा खान जिला ब्यूरो चीफ बालोद- 9174400910

श्री गुरु नानक देव जी के 556 वा प्रकाश पर्व के अवसर पर सिख समाज द्वारा लौह नगरी दल्ली राजहरा में प्रतिदिन प्रात 5:00 बजे से भव्य प्रभात फेरी का आयोजन किया जा रहा है|समाज के महिला पुरुष एवं बच्चों प्रातः 5:00 बजे के पहले नगर के गुरुद्वारा पर एकत्र होते हैं गुरुनानक देव जी के प्रवचन को कीर्तन के माध्यम से पिरोकर प्रतिदिन शहर के विभिन्न क्षेत्रों में प्रभात फेरी निकाली जा रही है। जिसमें समाज के लोगों के द्वारा बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया जा रहा है। प्रभात फेरी के दौरान समाज के सदस्यों ने पारंपरिक वेशभूषा के साथ हिस्सा लेकर समाज के व्यक्ति जिनके घर आमंत्रण होता है उनके घर जाकर भजन कीर्तन करते हैं। भजन कीर्तन उपरांत वापस गुरुद्वारा आते हैं यह प्रक्रिया प्रतिदिन गुरु नानक जयंती तक चलेगी।

श्री गुरु नानक देव जी के 556 वा प्रकाश पर्व के अवसर पर सिख समाज के द्वारा 1 नवंबर को भव्य नगर कीर्तन का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें आसपास के विभिन्न शहरों एवं ग्रामों के समाज के लोगों के द्वारा नगर कीर्तन में सम्मिलित होने दल्ली राजहरा आएंगे। नगर कीर्तन पंच प्यारे के अगुवाई में आयोजित की जाएगी जिसमें सर्वप्रथम पारंपरिक युद्ध कला (गतका) का प्रदर्शन बाहर से आए हुए गतका कला में पारंगत कलाकारों के द्वारा कि तथा मध्य में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की आकषण एलों से सजी गाड़ी में पालकी होगी। जहां श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पाठ निरंतर जारी रहेगा। उसके उपरांत महिलाओं संगत के द्वारा कीर्तन पाठ होगा। यह पालकी नगर भ्रमण के उपरांत वापस गुरुद्वारा पहुंचेगी।                                             

श्री गुरु नानक देव जी सिख धर्म के संस्थापक और पहले गुरु थे। गुरु नानक देव जी का जन्म कार्तिक पूर्णिमा को 15 अप्रैल 1469 को हुआ था लेकिन हिंदू कैलेंडर के अनुसार उनका जन्म उत्सव (प्रकाश पर्व) कार्तिक पूर्णिमा को ही मनाया जाता है। गुरु नानक देव जी की शिक्षा में नैतिक जीवन, सेवा और दान, समानता और भाईचारा, एक ईश्वर की उपासना, पर बल दिया। गुरु नानक देव जी के सिद्धांत थे नमो जपो, कीरत करो वंड छको अर्थात ईश्वर का नाम जपो भक्ति करो ईमानदारी से काम करो तथा दूसरों की सेवा करो और अपने पास जो कुछ भी है उसे बाटो और दूसरों की मदद करो।

     

नगर में 1 नवंबर को होगा भव्य आयोजन

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