
दिव्येंदु गोस्वामी, कलकत्ता, बीरभूम
- अब तक उन्हें अपनी गलती समझ आ गई थी। आखिरकार उन्हें एहसास हुआ कि उनका मोहभंग हो गया है।
इसलिए विपक्षी नेता ने सत्तारूढ़ दल में शामिल होने का फैसला किया। एक विचार ही एक कदम है। लगभग 200 पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ तृणमूल में शामिल हुए। सत्तारूढ़ दल का झंडा थामे उन्होंने कहा, “मैंने अपना मन बदल लिया है।” विचार बदल गए हैं। पहला प्यार कभी भुलाया नहीं जाता। लेकिन वहीं से मुझे बार-बार चोट पहुँची। ममता बनर्जी का नेतृत्व ही भाजपा को रोक सकता है। केवल तृणमूल ही भारत के संविधान को बचा सकती है। इसलिए वे सत्तारूढ़ दल में शामिल हो गए।
इसलिए विपक्षी नेता ने सत्तारूढ़ दल में शामिल होने का फैसला किया। एक विचार ही एक कदम है। लगभग 200 पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ तृणमूल में शामिल हुए। सत्तारूढ़ दल का झंडा थामे उन्होंने कहा, “मैंने अपना मन बदल लिया है।” विचार बदल गए हैं। पहला प्यार कभी भुलाया नहीं जाता। लेकिन वहीं से मुझे बार-बार चोट पहुँची। ममता बनर्जी का नेतृत्व ही भाजपा को रोक सकता है। केवल तृणमूल ही भारत के संविधान को बचा सकती है। इसलिए वे सत्तारूढ़ दल में शामिल हो गए।
