
ग्राम पंचायत केलपुरा मैं दलित परिवार के सदस्य खड़िया पिता पंचा अहिरवार उम्र 60 वर्ष एवं लखन पिता खड़िया अहिरवार उम्र 30 वर्ष स्थगन आदेश उल्लंघन का हवाला देते हुए जेल भेज भिजवा दिया। परंतु शक्तिशाली लोगों पर संरक्षण कर रहे है जिससे सवाल उठता लाजमी है। आए दिन गरीबों के साथ कठोर कार्रवाई कर जेल भिजवा दिया जाता है।
स्थगन आदेश का उल्लंघन करने पर जेल की करवाई गई।
खड़िया पिता पंचा अहिरवार एवं लखन पिता खड़िया अहिरवार को शक्ति दिखाते हुए तहसीलदार ने अपनी गाड़ी में बिठा कर थाना ले गए और शांति भंग की कार्रवाई कराते हुए जेल भिजवा दिया।
कुछ महीना पूर्व स्टे ऑर्डर का हुआ था लेकिन उल्लंघन किया गया परंतु कोई कार्रवाई नहीं की चर्चा तक नहीं की। तहसीलदार अनिल गुप्ता द्वारा कार्रवाई संतोष जनक नहीं की गई है। गरीबों के लिए नियम कनून प्रभावशाली लोगों को रोक-टोक तक नहीं ऐसा भेदभाव क्यों।
तहसील के सामने स्टे आर्डर होने के बावजूद भी निर्माण कार्य चलता रहा। एक पक्षीय कार्रवाई होने से। तहसीलदार की एकपक्षीय कार्रवाई को कटघरे में खड़ा करना लाजमी बनता हैं।
खड़िया पत्नी बहु का कहना है । किसी भी प्रकार कार्रवाई की सूचना नहीं दी गई अचानक तहसीलदार अपनी गाड़ी में आये ओर बिठा कर अपमानित शब्दों का प्रयोग करके शक्ति बर्तते हुए जेल की कार्रवाई करवा दी। इतना तक कहना है पंडित को जमीन बेचनी थी चमार को क्यों दी।
सूत्रों अनुसार । जिला अध्यक्ष भीम आर्मी संजू चौधरी आजाद समाजपार्टी एवं अहिरवार समाज एक पक्षीय कार्रवाई से नाराज़गी को लेकर तहसील बल्देवगढ का घेराव किया जाएगा। मध्य प्रदेश सरकार को न्याय संगत कार्रवाई करनी चहिए एवं जिला प्रशासन का भी दायित्व बनता है।




