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मुस्कान अभियान एसपी मनोहर सिंह मंडलोई की पहल नाबालिग बालिकाओ की सुरक्षा हेतु एडवाइजरी जारी

टीकमगढ़ जिला रिपोर्टर सुरेश कुमार चौधरी 

 

*“मुस्कान अभियान:—SP श्री मनोहर सिंह मंडलोई की पहल, नाबालिग बालिकाओं की सुरक्षा हेतु एडवाइजरी जारी”*

 

*पुलिस अधीक्षक द्वारा परिजनों और बालिकाओं को सतर्क रहने की अपील — झूठे सपनों और बहकावे से बचने के दिए गए महत्वपूर्ण निर्देश*

 

“*नाबालिगों की सुरक्षा:—पुलिस और समाज की साझा जिम्मेदारी”*

 

“*भरोसा, सुरक्षा और जागरूकता — मुस्कान अभियान की पहचान”*

 

जिला टीकमगढ़ में नाबालिग बालिकाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए *पुलिस अधीक्षक श्री मनोहर सिंह मंडलोई* के नेतृत्व में राज्य स्तरीय *“मुस्कान अभियान”* का शुभारंभ किया गया है। यह अभियान 01 अप्रैल से पूरे प्रदेश में संचालित हो रहा है, जिसका उद्देश्य नाबालिगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, लापता बालिकाओं की शीघ्र दस्तयाबी करना तथा समाज में व्यापक जागरूकता फैलाना है।

 

*पुलिस अधीक्षक श्री मनोहर सिंह मंडलोई* द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जिले में नाबालिगों से जुड़े अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जाए और प्रत्येक स्तर पर सजगता बढ़ाई जाए। इसी उद्देश्य से यह एडवाइजरी जारी की जा रही है, जिससे परिजन एवं बालिकाएँ दोनों जागरूक और सतर्क रह सकें।

 

*परिस्थिति की गंभीरता*

 

टीकमगढ़ जिला बुंदेलखंड क्षेत्र का हिस्सा है, जहाँ सीमित रोजगार अवसरों के कारण कई परिवार महानगरों की ओर पलायन करते हैं। इस दौरान नाबालिग बालिकाएँ अक्सर गाँव में रिश्तेदारों या पड़ोसियों के संरक्षण में रह जाती हैं।

 

ऐसी परिस्थितियों का कुछ असामाजिक तत्व लाभ उठाते हैं—वे बालिकाओं को शहर में पढ़ाई, नौकरी और बेहतर जीवन के झूठे सपने दिखाकर बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाते हैं। बाद में ये बालिकाएँ कठिन परिस्थितियों में फँस जाती हैं।

 

*“मुस्कान अभियान” का उद्देश्य*

 

* नाबालिग बालिकाओं को अपराधों से सुरक्षित रखना

* लापता बालिकाओं को खोजकर सुरक्षित वापस लाना

* समाज में जागरूकता और सतर्कता बढ़ाना

* बालिकाओं के भविष्य को सुरक्षित और सम्मानजनक बनाना

 

*परिजनों के लिए आवश्यक सावधानियाँ*

 

🔹 1. संवाद और निगरानी

 

* बालिका की दिनचर्या, मित्रों और आवागमन की जानकारी रखें

* यदि बाहर कार्यरत हैं, तो जिम्मेदारी विश्वसनीय व्यक्ति को सौंपें

* नियमित मोबाइल/वीडियो कॉल से संपर्क बनाए रखें

* स्थानीय थाना में नाबालिग की जानकारी दर्ज कराएँ

 

🔹 2. स्थानीय सतर्कता

 

* संदिग्ध व्यक्तियों और गतिविधियों पर नजर रखें

* झूठे नौकरी या शहर के सपने दिखाने वालों से सावधान रहें

* किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत पुलिस या पंचायत को सूचित करें

 

🔹 3. आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम

 

* बालिकाओं को स्थानीय कौशल प्रशिक्षण (सिलाई, कंप्यूटर, हस्तशिल्प आदि) से जोड़ें

 

*नाबालिग बालिकाओं के लिए जरूरी निर्देश*

 

🔸 4. बहकावे से बचें

 

* “आसान पैसा” और “बड़ा जीवन” जैसे वादों पर भरोसा न करें

* बिना माता-पिता की अनुमति कहीं न जाएँ

 

🔸 5. डिजिटल और व्यक्तिगत सुरक्षा

 

* अजनबियों से दोस्ती न करें

* सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा न करें

 

🔸 6. संकट के समय क्या करें

 

* खतरा महसूस होने पर शोर मचाएँ और सुरक्षित स्थान पर जाएँ

* तुरंत सहायता के लिए कॉल करें:

पुलिस – 112

चाइल्ड हेल्पलाइन – 1098

 

*संयुक्त जिम्मेदारी (परिजन एवं बालिकाएँ)*

 

* खुला और भरोसेमंद संवाद बनाए रखें

* जरूरी दस्तावेज सुरक्षित रखें

* किसी भी संदेह पर तुरंत कार्रवाई करें

 

*टीकमगढ़ पुलिस की सक्रिय पहलें*

 

(*पुलिस अधीक्षक श्री मनोहर सिंह मंडलोई* के निर्देशन में)

 

* अकेले रह रही नाबालिगों का चिन्हांकन और रिकॉर्ड संधारण

* संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित पेट्रोलिंग

* स्कूल एवं कोचिंग संस्थानों के आसपास निगरानी

* शिक्षकों एवं ग्राम स्तर के कर्मचारियों को सतर्कता हेतु निर्देश

* आत्मरक्षा प्रशिक्षण एवं साइबर जागरूकता कार्यक्रम

* ग्राम सुरक्षा समितियों के साथ नियमित बैठकें

 

*महत्वपूर्ण संदेश*

 

*“झूठे सपनों के जाल में न फँसें — सुरक्षित भविष्य अपने परिवार और जागरूकता में ही है।”*

 

*सतर्कता ही सुरक्षा है, और सुरक्षा ही हर बेटी की मुस्कान की असली गारंटी है।*

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