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वाराणासी उत्तर प्रदेश। वाराणसी मे सिंगल विंडो सिस्टम लागू करने का आदेश। वाराणसी उत्तर प्रदेश से राजेश कुमार यादव की खास रिपोर्ट

वाराणसी मे सिंगल विंडो सिस्टम  लागू करने का आदेश

वाराणसी उत्तर प्रदेश से राजेश कुमार यादव की खास रिपोर्ट

कमिश्नरेट वाराणसी के पुलिस कमिश्नर आईपीएस श्री मोहित अग्रवाल सर ने शहर के व्यापारियों के साथ लगातार मिल रही धोखाधड़ी की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए बड़ा कदम उठाया है। पुलिस आयुक्त श्री मोहित अग्रवाल सर ने व्यापारियों की सुविधा के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू करने का आदेश जारी किया है।पिछले कई दिनों से साड़ी आदि के व्यापारियों समेत अन्य व्यवसायियों द्वारा यह शिकायतें सामने लायी जा रही थीं कि कुछ आपराधिक प्रवृत्ति के लोग षडयंत्रपूर्वक सामान लेते हैं और भुगतान किए बिना गायब हो जाते हैं। कई मामलों में थानों पर शिकायतों को गंभीरता से न सुने जाने की बात भी सामने आई थी।
इसी को देखते हुए पुलिस आयुक्त ने ऐसे प्रकरणों की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। SIT में शामिल हैं—
1-पुलिस उपायुक्त अपराध, अध्यक्ष
2-अपर पुलिस उपायुक्त प्रोटोकॉल, सदस्य
3 सहायक पुलिस आयुक्त अपराध, सदस्य
3 प्रभारी विवेचना सेल, सदस्य
SIT प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से 2 बजे तक ऐसे मामलों को स्वयं सुनेगी।आवेदक द्वारा दिए गए साक्ष्यों में प्रथम दृष्टया अपराध पाए जाने पर तुरंत FIR दर्ज कराने के निर्देश दिए जाएंगे। जिन मामलों में दूसरे पक्ष की बात सुनना आवश्यक होगा, वहां FIR से पहले दो नोटिस जारी किए जाएंगे, ताकि दोनों पक्षों की बात दर्ज हो सके।अगर मामला आपसी लेन-देन का पाया जाता है और आपराधिक कृत्य सिद्ध नहीं होता,तो संबंधित पक्षों को सिविल न्यायालय की प्रक्रिया अपनाने की जानकारी दी जाएगी।दर्ज मामलों की विवेचना क्राइम ब्रांच द्वारा की जाएगी और SIT इसका पर्यवेक्षण करेगी। इसके लिएअलग-अलग रजिस्टर भी बनाए जाएंगे, जिनमें शिकायत, जांच और विवेचना की प्रगति का पूरा रिकॉर्ड रखा जाएगा।
पुलिस कमिश्नर सर ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई गिरोह बनाकर कई व्यापारियों के साथ धोखाधड़ी की गई है, तो संबंधित आरोपियों पर गैंगेस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। साथ ही गुण्डा एक्ट और हिस्ट्री-शीट खोलने की प्रक्रिया भी नियमानुसार की जाएगी।
पुलिस उपायुक्त अपराध को इन मामलों की साप्ताहिक समीक्षा करने का निर्देश दिया गया है, जबकि अपर पुलिस आयुक्त अपराध 15 दिन में संपूर्ण कार्यवाही की समीक्षा करेंगे।

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