
ब्यूरो रिपोर्ट.अनुराग तिवारी
बांदा.जिलाधिकारी जे.रिभा द्वारा शुक्रवार की सुबह विकासखण्ड बडोखरखुर्द क्षेत्र के विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उच्च प्राथमिक विद्यालय कम्पोजिट तिन्दवारा-2 सुबह 9:05 बजे बन्द पाया गया। विद्यालय में उस समय कोई भी शिक्षक या स्टाफ उपस्थित नहीं था, जबकि बच्चे विद्यालय प्रांगण में खड़े मिले। जिलाधिकारी के पहुँचने के कुछ समय बाद विद्यालय का स्टाफ पहुँचना शुरू हुआ। सबसे पहले एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, एक ई.सी.सी. एजुकेटर, एक शिक्षामित्र एवं एक सहायक अध्यापिका क्रमशः विद्यालय पहुँचे और ताला खोला। विद्यालय में कुल 24 स्टाफ तैनात हैं, परंतु विद्यालय का निर्धारित समय में बन्द पाया जाना गंभीर लापरवाही माना गया।जिलाधिकारी ने मामले को प्रधानाध्यापिका एवं शैक्षणिक स्टाफ की घोर लापरवाही बताते हुए तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिए।विद्यालय की प्रधानाध्यापिका को निलम्बित करने,अनुपस्थित स्टाफ का एक दिन का वेतन रोकने, तथा देर से आने वाले शिक्षकों से स्पष्टीकरण प्राप्त कर कार्यवाही करने के आदेश बेसिक शिक्षा अधिकारी को दिए गए।दूसरे विद्यालय में भी खामियां मिलींइसके बाद जिलाधिकारी ने उच्च प्राथमिक विद्यालय कम्पोजिट-1, बांधापुरवा का निरीक्षण किया। निरीक्षण के समय विद्यालय की प्रधानाध्यापिका विलम्ब से पहुँचीं। इस पर जिलाधिकारी ने उनसे स्पष्टीकरण लिए जाने के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान विद्यालय की हैण्डवाशिंग यूनिट टूटी हुई पाई गई, जिस पर जिलाधिकारी ने संबंधित ग्राम विकास अधिकारी का स्पष्टीकरण मांगा है तथा खण्ड विकास अधिकारी बडोखरखुर्द को यूनिट तत्काल ठीक कराने के निर्देश दिए हैं।जिलाधिकारी ने दी चेतावनी जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यालयों में अनुशासन, समयपालन और स्वच्छता को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना प्रशासन की प्राथमिकता है, और जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारियों से जवाबदेही तय की जाएगी।

