
शहडोल में मानवता शर्मसार: 10 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म, भीम आर्मी ने न्याय के लिए SP-कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
रिपोर्टर- सुनील रैदास जिला रिपोर्टर शहडोल
शहडोल (मध्य प्रदेश): शहडोल जिले में 3 नवंबर 2025 को हुई एक जघन्य घटना ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। सिंदूरी भर्री गांव में एक 10 वर्षीय (लगभग 9 वर्ष 10 माह) मासूम बच्ची, जो 5वीं कक्षा की छात्रा है, के साथ 65 वर्षीय गुल्लू मिश्रा (पिता देवीलाल मिश्रा) द्वारा दुष्कर्म का घिनौना कृत्य किया गया।

जघन्य वारदात का विवरण
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 3-11-2025 को दोपहर लगभग 01:00 से 02:00 बजे के बीच, आरोपी गुल्लू मिश्रा ने बच्ची को जबरदस्ती अपने घर के अंदर ले जाकर इस कुकर्म को अंजाम दिया। दरिंदगी की हद यह थी कि आरोपी ने बच्ची के मुंह पर टेप लगाकर उसे चुप कराने की कोशिश की।
जब ग्रामीणों को इस घटना की जानकारी मिली और उन्होंने आरोपी से पूछताछ की, तो उसने ग्रामीणों के सामने इस अपराध को स्वीकार भी किया। हालांकि, इसके बाद आरोपी ने कुछ VIP लोगों का नाम लेते हुए ग्रामीणों को चुनौती दी और कहा कि “तुम लोग जो कर सकते हो कर लो।” संगठनों ने आरोप लगाया है कि आरोपी पैसे और राजनीतिक दबाव के बल पर मामले को दबाने की कोशिश कर रहा है।
भीम आर्मी, सामाजिक संगठनों ने उठाई न्याय की आवाज
घटना के विरोध में और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए, भीम आर्मी, आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) और अन्य सामाजिक संगठन एकजुट हुए। उन्होंने सोहागपुर थाने, पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय और कलेक्टर कार्यालय जाकर ज्ञापन सौंपा और तत्काल ठोस कार्रवाई की मांग की।

ज्ञापन सौंपने वालों में प्रमुख रूप से निम्न पदाधिकारी शामिल थे:
रामसजीवन कोल – प्रदेश संगठन मंत्री, भीम आर्मी
राजकुमार साहू – प्रदेश महासचिव, भीम आर्मी
शिव कुमार बैगा – जिला महासचिव, भीम आर्मी
नारेंद्र प्रजापति – जिला संगठन मंत्री, भीम आर्मी
राज कुमार पटेल – तहसील संयोजक, भीम आर्मी
सूरज बैगा – मंडल संयोजक, भीम आर्मी
सुनील रैदास – ब्लॉक आई टी सेल प्रभारी जयसिंहनगर, भीम आर्मी
समाज की मांग: त्वरित और निष्पक्ष न्याय
संगठनों ने यह स्पष्ट किया है कि जब तक इस तरह के घिनौने दरिंदों को कड़ी से कड़ी सजा नहीं मिलती, तब तक इन लोगों का मनोबल बढ़ा रहेगा और समाज की बेटियों पर खतरा बना रहेगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि आरोपी के किसी भी प्रकार के प्रभाव को दरकिनार करते हुए, पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत तेज गति से निष्पक्ष कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि पीड़ित साहू समाज की नाबालिग बेटी को जल्द से जल्द न्याय मिल सके।

