
जिला रिपोर्टर सुरेश कुमार चौधरी टीकमगढ़
शासकीय माध्यमिक शाला लार बंजरया परिसर को ग्रामीण के लोगों ने बनाया गौशाला।
टीकमगढ़ अंतर्गत लार बंजरया शासकीय माध्यमिक शाला को ग्रामीण कुछ लोगों ने गौशाला में तब्दील कर दिया एवं बल्कि गौशाला लाखों रुपए से निर्मित पंचायत में है । शाला प्रभारी ने संकुल प्राचार्य एवं थाना प्रभारी बुडेरा को लिखित में आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीण के कुछ लोग मेंनगेट की कुंडी तोड़ कर गायों को स्कूल परिसर में बंद कर देते हैं। जिससे पूरी साल परिसर में गंदगी मलमूत जम रहा है बच्चे पढ़ने में घुटन महसूस कर रहे हैं। शिक्षा मंदिर को ही गौशालाओं में तब्दील कर रहे हैं और जिम्मेदार अधिकारी ध्यान देना उचित नहीं समझते हैं। आखिर आसामाजिक तत्वों पर कब अंकुश लगेगा। अधिकारीयों को संज्ञान में लेकर उचित कार्रवाई करनी होगी। स्कूल को शर्मसार करने बाले लोगों के होंसले बुलंद होते जा रहे । क्योंकि उचित कार्रवाई नहीं होने से । शिक्षा को सर्वश्रेष्ठ स्थान दिया जाता है। ऐसे घटिया तत्वों द्वारा शिक्षा एवं मानवता को शर्मसार का उद्देश्य रखने वालों को चिह्नित कर उन
उच्चित कार्रवाई हो। मध्य प्रदेश में दिन-दहाड़े शिक्षा को शर्मसार कार्य किया जा रहा है। किसी भी सूरत में बक्सा नहीं जाए। एफआईआर दर्ज कर मामला संज्ञान में लेना चाहिए जो भी व्यक्ति आसामाजिक तत्वों में लिप्त पाया जाता है उसके विरुद्ध कठोर से कठोर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए जिससे अन्य लोग दंड सुनकर स्कूल प्रांगण में दुष्प्रभाव प्रवृत्ति के लोग भटकने से भी डरें ।
परंतु जिस शिक्षा को पढ़कर लिखकर करोड़ों अधिकारी कर्मचारी आईएएस अफसर बनते हैं ।उन्ही कि निगरानी में शालाओं कि दुर्दशा निंदनीय देखने को मिल रही ।। कहीं तो कमी है
शाला प्रभारी श्रीमती भारद्वाज का कहना —
कुछ लोग स्कूल मेंनगेट का ताला तोड़कर जबरदस्ती मवेशियों को अंदर बंद कर देते हैं रोज देखने को मलमूत्र मिलता है। एक दो बार लिखित में आवेदन थाना प्रभारी बुडेरा को दे चुके फिर भी उचित कार्रवाई नहीं की ।। दुष्प्रभाव के व्यक्तियों ने तार फेंसिंग काट कर नष्ट कर दीं।
आखिर शिक्षा विभाग कि देखरेख किसको सोपी जानी चाहिए। कुछ लोग दीवाल फांदकर कर शौचालय में एंट्री करते और गंदा कर चले जाते हैं। साला परिसर में पानी की सुविधा नहीं है जिससे घर से बोतल में पानी लाते सोच करके भाग जाते हैं शौचालय गंदा कर जाते हैं।
किसी मुद्दे को उठाते तो सही तरीके से संज्ञान में नहीं लेते। अधिकारी।
लेकिन यह साला परिसर की हकीकत है वही दर्शाया गया जो ग्राउंड पर रिपोर्ट दिखाई दी। उच्च अधिकारी निद्रासन से जागकर कार्रवाई जरूर करें।



