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लखनऊ/देवरिया उत्तर प्रदेश। गांधी जयंती व दशहरा पर बंदी के आदेश के बावज़ूद करूअना चौराहा पर छलका जाम. पुलिस प्रशासन बने रहे मूकदर्शक. सरकारी आदेश बेअसर…गांधी झयंती पर करूअना चौराहा बना .शराब चौराहा प्रशासन मौन।त्योहार पर बंदी सिर्फ दिखावा .?करूअना चौराहा पर छलकता रहा जाम। पुलिस रही नदारद। शराब बंदी के आदेश हवा मे .करूअना चौराहा पर खुलेआम बिकती रही देशी शराब ।गांधी जयंती की मर्यादा तार _तार करूअना चौराहा तर जाम के साथ जश्न. प्रशासन खामोश। सरकार ने बंदी का दिया आदेश?स्थानीय तंत्र ने किया नजरअंदाज_ करूअना मे बिकी शराब छलका नशा ।करूअना चौराहा बना नशे का अड्डा.गांधी जयंती पर भी नही थमा शराब का कारोबार। जब गांधी जयंती पर बहा नशा .तब खामोश रहा तंत्र. क्या यही है हमारा समाज। लखनऊ/देवरिया से राजेशकुमारयादवकी खास रिपोर्ट.

*गांधी जयंती व दशहरा पर बंदी के आदेश के बावजूद करूअना चौराहा पर छलका जाम, पुलिस-प्रशासन बने रहे मूकदर्शक*
*सरकारी आदेश बेअसर..गांधी जयंती पर करूअना चौराहा बना ‘शराब चौराहा प्रशासन मौन*

*त्योहार पर बंदी सिर्फ दिखावा.?करूअना चौराहा पर छलकता रहा जाम पुलिस रही नदारद*
*शराब बंदी के आदेश हवा मे .करूअना चौराहा पर खुलेआम बिकती रही देशी शराब*
*गांधी जयंती की मर्यादा तार .तार करूअना चौराहा पर जाम के साथ जश्न प्रशासन खामोश*

*सरकार ने बंदी का दिया आदेश?स्थानीय तंत्र ने किया नजरअंदाज _करूअना मे बिकी शराब, छलका नशा*

*करूअना चौराहा बना नशे का अड्डा. गांधी जयंती पर भी नही थमा शराब का कारोबार*

*जब गांधी जयंती पर बहा नशा .तब खामोश रहा तंत्र*
*क्या यही है हमारा समाज*

*लखनऊ/देवरिया उत्तर प्रदेश से राजेश कुमार यादव की खास रिपोर्ट*

*लखनऊ*/*देवरिया (बरहज), 2* *अक्टूबर 2025*__*उत्तर प्रदेश*
सरकार द्वारा गांधी जयंती और दशहरा के पावन अवसर पर शराब की दुकानों को पूर्णतः बंद रखने के निर्देश जारी किए गए थे, परंतु देवरिया जनपद के बरहज थाना क्षेत्र अंतर्गत करूअना चौराहा पर सरकारी आदेशों की खुलेआम धज्जियां उड़ती नजर आईं।

हालांकि, देशी शराब की दुकान के अनुज्ञापी (लाइसेंसधारी) अभिषेक यादव ने दावा किया कि उनकी दुकान पूरे दिन बंद रही, लेकिन स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दुकान के पीछे से भारी मात्रा में शराब की बिक्री की गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, करूअना चौराहा क्षेत्र में दिनभर जाम छलकता रहा और शराब के नशे में धुत लोगों की आवाजाही साफ देखी गई। यह सब कुछ पुलिस और प्रशासन की आंखों के सामने होता रहा, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई देखने को नहीं मिली।

स्थानीय नागरिकों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि एक ओर सरकार त्योहारों पर सामाजिक मर्यादा और शांति बनाए रखने के लिए प्रयासरत है, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर उसके आदेशों की अवहेलना की जा रही है।

लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते कड़ी निगरानी रखी होती तो इस तरह से शराब की अवैध बिक्री नहीं हो पाती। अब सवाल यह उठता है कि क्या सरकार के आदेश सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह गए हैं?

स्थानीय लोगों की मांग:
स्थानीय निवासियों और समाजसेवियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि आगे इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों और त्योहारों की गरिमा बनी रहे।

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