
शहडोल,मध्यप्रदेश
रिपोर्ट – बृज किशोर पटेल
शहडोल/कुदरी- मध्यप्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रष्टाचार की जानकारी मिलना आम बात हो चुकी है. ग्राम पंचायतों में भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने में सरपंच भी बड़ा किरदार निभा रहे हैं. जयसिंह नगर तहसील के अंतर्गत ग्राम पंचायत कुदरी में ऐसे ही कई भ्रष्टाचार के मामले सामने आ रहे हैं, जिसमें सरपंच की पूरी मिलीभगत साफ नजर आ रही है. आइये आपको बताते हैं कि पूरा मामला क्या है?
15 अगस्त के उपलक्ष्य में ग्राम पंचायत कुदरी में ग्राम सभा का आयोजन किया गया, जहां सरकार द्वारा चलाई जाने वाली योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों को देनी थी. साथ ही ग्राम पंचायत में विकास कैसे करें, इस पर चर्चा होनी थी. मगर ग्रामीणों द्वारा जब कुछ मामलों पर सवाल उठाए गए तो पंचायत के पास संतुष्ट जवाब नहीं था.
2 प्रति फोटो कॉपी के लिए चुकाए 4000 रुपये
ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत कुदरी में बड़ा घोटाला हो रहा है. दो हजार रुपये प्रति कॉपी के हिसाब से सिर्फ दो प्रति के लिए चार हजार रुपये चुकाए गए हैं. क्या पंचायत के लिए एक फोटो कॉपी मशीन नहीं खरीदा जा सकता है. जब इस मामले को लेकर ग्रामीणों ने सवाल उठाए तो सरपंच चंद्रवती सिंह के पास कोई जवाब नहीं था.

ग्राम पंचायत कुदरी में गड़बड़ी
पंचायत के द्वारा लगाए गए बिलों में भारी मात्रा में गड़बड़ी पाई गई है. एक बिल ऐसा भी है जिसमें पंचायत एक ही दुकान से मोटर वाइंडिंग पंप का काम करा रही है, जो सीमेंट, गिट्टी,बोल्डर, बिल्डिंग मटेरियल सप्लाई का काम करती है. दूसरी तरफ, कुदरी पंचायत पंचायत में न समुदाय भवन है और न ही सार्वजनिक शौचालय की सही व्यवस्था.
ग्रामीणों ने की हायलोजन लाइट की मांग
15 अगस्त की ग्रामसभा में ग्रामीणों ने पंचायत को इस मामले को लेकर एक लिखित आवेदन भी दिया है, जिसमे ग्रामीणों के द्वारा मांग की जा रही है कुदरी पंचायत के सभी बिजली के पोलो (जो मुख्य सड़क से जुड़े) में हायलोजन लाइट की व्यवस्था की जाए ताकि रात में होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके.पंचायत में बहुत से जगह में PCC रोड की जरूरत है पंचायत उस पर भी ध्यान दे.


गांव के लोगों को मिलना चाहिए रोजगार
ग्राम पंचायत के समीप ही सामुदायिक भवन या फिर अम्बेडकर भवन बनाने की भी मांग की गई है, जिसका निर्माण कार्य पंचायत स्वयं करें, जिससे पंचायत के लायक युवाओं को रोजगार मिल सकें. ग्राम पंचायत कुदरी की बदहाली को देखकर बहुत से ग्रामीणों के अंदर बहुत आक्रोश भरा है. उनका कहना है कि जिन्हें हमने वोट दिया, यह सोचकर कि वो हमारी समस्याओं का निदान करेंगे. वो ही आज कुछ खास लोगों को लाभ देने में लगे हुए हैं।


