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Parshuram Jayanti 2024 : डमरू की डम-डम, बैण्ड-बाजों की मधुरी धुन, जयकारों के साथ निकली शोभायात्रा।पाली शहर

Parshuram Jayanti 2024 : डमरू की डम-डम, बैण्ड-बाजों की मधुरी धुन, जयकारों के साथ निकली शोभायात्रा।पाली शहर में भगवान विष्णु के अवतार भगवान परशुराम जन्मोत्सव पर विप्र बंधुओं का कारवां चला तो शहर की फिजां बदल गई। डमरू की डम-डम, थाली की झनकार, बैण्ड बाजों की मधुरी धुन, मंगल गीतों की ध्वनि और बाबा परशुराम के जयकारों के साथ निकली शोभायात्रा को हर कोई अपलक निहारता रह गया। कई शहरवासी तो वाहनों को सड़कों के किनारे खड़ा कर शोभायात्रा में शामिल हो गए। आलम यह रहा कि शोभायात्रा रवाना होने से लेकर समापन तक उसमे भक्तों की संख्या बढ़ती रही।
परशुराम जयंती महोत्सव समिति के तत्वावधान में रेलवे स्टेशन रोड स्थित अमलेश्वर महादेव और सांवरिया सेठ के दरबार में शीश नवाने के साथ शुरू शोभायात्रा की भगवान परशुराम के का स्वांग रचे घुड़सवार ने अगवानी की। शोभायात्रा अम्बेडकर सर्किल, सूरजपोल, सोमनाथ, बाइसी बाजार, सर्राफा बाजार, पानी दरवाजा, भैरूघाट होते हुए वापस आमलेश्वर मंदिर पहुंचकर विसर्जित हुई।माला पहनाकर व साफा बांधकर किया स्वागत
शोभायात्रा का स्वागत करने के लिए शहरवासियाें ने पलक-पावड़े बिछा दिए। हर पग पर लस्सी, नींबू पानी, आइसक्रीम सहित अन्य सामग्री से शोभायात्रा में शामिल विप्र बंधुओं का स्वागत किया गया। समिति संयोजक प्रदीप दवे सहित अन्य सदस्यों का माला पहनाकर व साफा बांधकर स्वागत किया गया। शोभायात्रा में जयशंकर त्रिवेदी, हरवंश दवे, रमाकांत मिश्रा, पीएम जोशी, प्रमोद दवे, विजयराज गौड़, ताराचंद गौड़, महेश कल्ला, परमेश्वर व्यास आदि शामिल रहे।विजेताओं को किया पुरस्कृत
जन्मोत्सव के तहत क्रिकेट, टेबल टेनिस, मेहंदी, म्यूजिकल चेयर आदि प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया था। उनके विजेताओं का शोभायात्रा के बाद नागा बाबा बगेची में स्वागत किया गया। विजेताओं को समिति पदाधिकारियों के साथ डॉ. मदनसिंह राजपुरोहित ने पुरस्कार प्रदान किए। शोभायात्रा में लक्की ड्रा के तहत एसी रमेशचन्द्र व्यास, कूलर चेतन भट्टी व फ्रीज योगेश शर्मा के नाम रहा। महिलाओं को अम्बाशंकर की ओर से बैग दिए गए। झांकियों में शामिल बच्चों को अंकित व्यास ने उपहार दिए। वहीं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में सही जवाब देने वालों को ललित जाखोड़ा की ओर से चांदी के सिक्के देकर सम्मानित किया गया।मुख्य रूप से ये रहे आकर्षण का केन्द्र
-नरमुंड की माला पहने भगवान शिव का स्वांग रचा युवक व उनके साथ भस्म लगाए भगवान के शिव के गणों के का रूप धरे युवा। उन्होंने अग्निकुंड बनाकर शिव तांडव नृत्य किया।

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