

टीकमगढ़ में 160% जलकर वृद्धि और दूषित जल आपूर्ति के खिलाफ मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर : पवनघुवारा भूमिपुत्र
———————————————————-
07 सितंबर 2026:
टीकमगढ़ नगर पालिका द्वारा लागू 160% जलकर वृद्धि और दूषित पेयजल आपूर्ति के खिलाफ सामाजिक कार्यकर्ता पवन घुवारा ने मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर में जनहित याचिका (संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत) दायर की है। WP No 37152/2026 याचिका में नगर के 1लाख से अधिक नागरिकों और 13,000 नल उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा की मांग की गई है। पवनघुवारा द्वारा जनहित याचिका के मुख्य आधार:
प्रशासक काल में अवैध वृद्धि: 01 अप्रैल 2022 तक नगर में जलकर ₹100/- प्रति माह था। 02 मई 2022 को तत्कालीन प्रशासक/कलेक्टर ने प्रस्ताव क्रमांक 90 पारित कर इसे सीधे 160% बढ़ाकर ₹260/- प्रति माह कर दिया। प्रस्ताव में पूर्व दर ₹227/- दर्शाकर नियमों और प्रक्रियाओं का उल्लंघन किया गया।
संभाग में सर्वाधिक दर: सागर संभाग के अन्य शहरों की तुलना में टीकमगढ़ में जलकर अत्यधिक है—सागर नगर निगम ₹150/-, दमोह ₹115/-, पन्ना ₹150/- और छतरपुर ₹180/-, जबकि टीकमगढ़ नगर पालिका ₹260/- वसूल रही है।
मानकों पर फेल पेयजल आपूर्ति: लैब रिपोर्ट (दिनांक 04.06.2024) के अनुसार जल गुणवत्ता मानकों पर विफल रही है (TDS 522, Hardness 300 तथा Residual Chlorine शून्य)। 28 वर्ष पुराने बारीघाट जल शोधन संयंत्र के उचित रखरखाव के अभाव और खुली नालियों से गुजरती पाइपलाइनों के कारण कई वार्डों में 4 से 5 दिनों के अंतराल पर दूषित पानी मिल रहा है।
परिषद के प्रस्ताव पर अनिर्णय: निर्वाचित नगर पालिका परिषद ने 28.02.2024 और 13.03.2024 के प्रस्तावों में ₹260/- को जनविरोधी मानकर दर घटाकर ₹100/- से ₹150/- करने की अनुशंसा की थी, जो तीन वर्षों से शासन स्तर पर लंबित है।
याचिकाकर्ता पवनघुवारा भूमिपुत्र का कहना है
“संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत स्वच्छ पेयजल पाना प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार है। ‘क्विड प्रो क्वो’ (Quid Pro Quo) सिद्धांत के तहत यदि नागरिकों से सेवा शुल्क वसूला जा रहा है, तो उसी अनुपात में गुणवत्तापूर्ण सेवा देना अनिवार्य है। अत्यधिक वसूली के बावजूद दूषित जल की आपूर्ति सीधे तौर पर कानून का उल्लंघन है।”
— सामाजिक कार्यकर्ता गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स धारक पवन घुवारा, एवं याचिकाकर्ता उच्च न्यायालय से प्रमुख प्रार्थनाएं:
02 मई 2022 के दर वृद्धि संबंधी आदेश को निरस्त किया जाए।
जलकर की दर को घटाकर न्यायसंगत (₹150/- प्रति माह अथवा पूर्ववत) किया जाए।
याचिका के अंतिम निराकरण तक ₹260/- की वसूली पर अंतरिम रोक लगाई जाए।
बारीघाट प्लांट के उन्नयन और सभी 27 वार्डों में प्रतिदिन शुद्ध पेयजल आपूर्ति हेतु समयबद्ध कार्य योजना लागू की जाए।
याचिका में म.प्र. नगर पालिका अधिनियम, 1961 की धारा 127, 130 व 131 के प्रावधानों तथा उच्च न्यायालय के नजीर आदेश Madanlal vs Municipal Council Tarana (1974 MPLJ 251) का संदर्भ दिया गया है।
याचिकाकर्ता…
गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज, सामाजिक कार्यकर्ता पवनघुवारा (‘भूमिपुत्र’)
राजमहल रोड, टीकमगढ़ (म.प्र.)
मोबाइल: 9425436666

