

अलीगढ़ | मानव युवा मिशन के बैनर तले आर्थिक रूप से वंचित एवं विद्यालयी शिक्षा से वंचित बच्चों के लिए एक विशेष रचनात्मक एवं शैक्षिक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य बच्चों में शिक्षा के प्रति रुचि विकसित करने के साथ-साथ उनकी रचनात्मक क्षमता, व्यावहारिक समझ और कौशल को विकसित करना रहा।

कार्यशाला के दौरान बच्चों को पारंपरिक शिक्षण पद्धति से अलग रचनात्मक एवं संवादात्मक तरीके से विभिन्न विषयों की जानकारी दी गई। स्वयंसेवकों ने बच्चों को उनकी प्रतिभा पहचानने और उसे निरंतर अभ्यास के माध्यम से निखारने के लिए प्रेरित किया।

मानव युवा मिशन ऐसे युवाओं का संगठन है, जो रचनात्मक सोच से युक्त भारत के निर्माण तथा प्रत्येक आर्थिक वर्ग के बच्चों तक शिक्षा एवं ज्ञान की पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कार्य कर रहा है। संगठन ने उन बच्चों की प्रतिभा और रचनात्मक क्षमता को विकसित करने की पहल की है, जो आर्थिक परिस्थितियों या अन्य कारणों से नियमित विद्यालयी शिक्षा प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं।
संगठन द्वारा प्रत्येक सप्ताह विशेष कार्यशालाओं के आयोजन की योजना बनाई गई है। इन कार्यशालाओं के माध्यम से बच्चों को दैनिक जीवन में गणित के महत्व, व्यक्तिगत स्वच्छता, रचनात्मक सोच, हस्तकला तथा ऐसे व्यावहारिक कौशलों का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जो भविष्य में उनके लिए आत्मनिर्भरता और आजीविका के अवसरों का आधार बन सकें। संगठन भविष्य में स्वास्थ्य एवं पर्यावरण के क्षेत्र में भी जागरूकता और सामाजिक कार्यों को विस्तार देने की दिशा में कार्य करने की योजना बना रहा है।
कार्यशाला का नेतृत्व चित्रकार पारस मणि ने किया। उन्होंने बच्चों को कला एवं रचनात्मकता के महत्व से परिचित कराया तथा बताया कि कला के क्षेत्र में प्रतिभा और कौशल को निरंतर निखारकर स्वतंत्र रूप से रोजगार एवं आय के अवसर प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने बच्चों को अपनी रचनात्मक क्षमता को पहचानने और उसे विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का समन्वय के.एम. भारद्वाज ने किया। उन्होंने बच्चों को शिक्षा के महत्व और इसके व्यापक लाभों के बारे में जानकारी देते हुए उन्हें निरंतर सीखने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। युगांश गुप्ता ने बच्चों के साथ संवाद स्थापित कर उनकी आवश्यकताओं, रुचियों और समस्याओं को समझने का प्रयास किया।
कार्यक्रम के संपूर्ण प्रबंधन एवं आयोजन की जिम्मेदारी तृषार वार्ष्णेय संभाली। उन्होंने कार्यशाला की योजना, व्यवस्थाओं और विभिन्न गतिविधियों के संचालन को प्रभावी ढंग से व्यवस्थित किया, जिसके परिणामस्वरूप कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
मानव युवा मिशन का लक्ष्य शिक्षा, रचनात्मकता, कौशल विकास, स्वास्थ्य और पर्यावरण के माध्यम से समाज के वंचित वर्ग के बच्चों को बेहतर अवसर प्रदान करना और उन्हें आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर कार्य करना है।

