
*शिक्षकों की लापरवाही पर कलेक्टर ने की कार्रवाई, चार शिक्षकों की दो वार्षिक वेतनवृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकी*
*जिला शिक्षा अधिकारी की जांच रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय ने की कार्रवाई, पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही पाए जाने पर लगाया दंड*
*टीकमगढ़, 19 सितंबर 2026*/शासकीय विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था एवं शिक्षकों की कार्यप्रणाली में लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय ने जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जांच उपरांत प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर चार शिक्षकों के विरुद्ध कार्रवाई की है। संबंधित शिक्षकों द्वारा अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही, विद्यालय संचालन एवं शैक्षणिक कार्य में उदासीनता तथा विभागीय निर्देशों का पालन नहीं किए जाने की पुष्टि जांच में हुई। प्रकरणों में संबंधित शिक्षकों को सुनवाई एवं स्पष्टीकरण का अवसर दिए जाने के बाद भी उत्तर समाधानकारक नहीं पाए गए। इसके फलस्वरूप मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के तहत चारों शिक्षकों की दो वार्षिक वेतनवृद्धियां असंचयी प्रभाव से बंद करने की शास्ति अधिरोपित की गई है।
*सीएम हेल्पलाइन की शिकायत पर शिक्षक के विरुद्ध कार्रवाई*
शासकीय प्राथमिक शाला हरकनपुरा, संकुल केन्द्र स्यावनी में पदस्थ प्राथमिक शिक्षक श्री जयशंकर गंगोलिया के विरुद्ध सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत में आरोप था कि कक्षा 2 के बच्चों को नियमित रूप से नहीं पढ़ाया जा रहा है, शिक्षक विद्यालय में मोबाइल फोन का उपयोग करते हैं, बच्चों के सामने धूम्रपान करते हैं तथा विद्यालय में सोते हैं। जिला शिक्षा केन्द्र टीकमगढ़ द्वारा शिकायत की जांच कराई गई, जिसमें शिकायत के बिंदु प्रमाणित पाए गए। संबंधित शिक्षक को सुनवाई का अवसर दिए जाने पर भी वे समाधानकारक उत्तर प्रस्तुत नहीं कर सके। जांच में पदीय दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही पाए जाने पर कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय द्वारा उनकी दो वार्षिक वेतनवृद्धियां असंचयी प्रभाव से बंद करने की कार्रवाई की गई।
*बिना अनुमति अनुपस्थित रहने एवं विभागीय कार्यों में लापरवाही पर प्रभारी प्रधानाध्यापक पर कार्रवाई*
शासकीय प्राथमिक शाला दिनऊ, विकासखण्ड पलेरा के प्रभारी प्रधानाध्यापक श्री रामसिया कौल के विरुद्ध विद्यालय से बिना सूचना अनुपस्थित रहने तथा पदीय दायित्वों का समुचित निर्वहन नहीं करने के संबंध में कार्रवाई की गई है। जांच में पाया गया कि श्री कौल 30 सितंबर 2025 को बिना सूचना विद्यालय से अनुपस्थित थे। इसके पूर्व 26 एवं 27 सितंबर 2025 को भी उपस्थिति पंजी में आकस्मिक अवकाश दर्ज कर विद्यालय से अनुपस्थित पाए गए, जबकि उक्त अवकाश स्वीकृत नहीं था। इसके साथ ही सर्व शिक्षा अभियान से संबंधित यू-डाइस, एसएचव्हीआर एवं चाइल्ड ट्रैकर पोर्टल पर आवश्यक कार्य नहीं किया गया तथा जनशिक्षक द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस का भी जवाब नहीं दिया गया। विद्यालय संचालन से संबंधित अनियमितताओं की खबरें समाचार पत्रों में प्रकाशित होने से विभाग की छवि प्रभावित होने की स्थिति भी सामने आई। जिला शिक्षा केन्द्र द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस के जवाब को असंतोषजनक पाए जाने पर उनकी दो वार्षिक वेतनवृद्धियां असंचयी प्रभाव से बंद करने की शास्ति अधिरोपित की गई।
*विद्यालय बंद मिलने एवं शैक्षणिक कार्य में उदासीनता पर शिक्षक श्री अरविन्द कुमार चौरसिया पर कार्रवाई*
शासकीय प्राथमिक शाला कोटराखेरा बूदौर, विकासखण्ड पलेरा के प्राथमिक शिक्षक श्री अरविन्द कुमार चौरसिया के विरुद्ध भी पदीय दायित्वों में लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई की गई है। जांच में पाया गया कि 24 जुलाई 2025 को विद्यालय बंद था और शिक्षक संस्था से अनुपस्थित थे। विद्यालय में छात्र संख्या बढ़ाने के लिए अपेक्षित प्रयास नहीं किए जा रहे थे तथा शैक्षणिक कार्य में भी रुचि नहीं ली जा रही थी। साथ ही शिक्षक के नशे का सेवन कर विद्यालय आने की शिकायत भी जांच में सामने आई। 24 सितंबर 2025 को मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत पलेरा के निरीक्षण के दौरान विद्यालय में एक भी छात्र उपस्थित नहीं मिला, जिसकी खबर समाचार पत्र में भी प्रकाशित हुई थी। इससे पूर्व भी जिला परियोजना समन्वयक द्वारा 1 अक्टूबर 2024 को किए गए निरीक्षण में अनियमितताएं पाई गई थीं। उस समय शिक्षक द्वारा अपनी गलती स्वीकार करते हुए भविष्य में सुधार का आश्वासन दिया गया था। पुनः अनियमितताएं पाए जाने पर जारी कारण बताओ नोटिस का जवाब समाधानकारक नहीं पाया गया। इस पर उनकी दो वार्षिक वेतनवृद्धियां असंचयी प्रभाव से बंद करने की शास्ति अधिरोपित की गई।
*विद्यालय संचालन एवं शैक्षणिक दायित्वों में लापरवाही पर शिक्षक श्री जगत कुमार अहिरवार पर कार्रवाई*
इसी शासकीय प्राथमिक शाला कोटराखेरा बूदौर के प्राथमिक शिक्षक श्री जगत कुमार अहिरवार के विरुद्ध भी पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई की गई है। जांच में विद्यालय बंद कर अनुपस्थित रहने, छात्र संख्या बढ़ाने के लिए प्रयास नहीं करने तथा शैक्षणिक कार्य में अपेक्षित रुचि नहीं लेने के तथ्य सामने आए। शिक्षक के नशे का सेवन कर विद्यालय आने की शिकायत भी जांच में सामने आई। 24 सितंबर 2025 को मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत पलेरा के निरीक्षण के दौरान विद्यालय में एक भी छात्र उपस्थित नहीं मिला था तथा इस संबंध में समाचार पत्र में भी खबर प्रकाशित हुई थी। पूर्व में 1 अक्टूबर 2024 को जिला शिक्षा केन्द्र की टीम द्वारा किए गए निरीक्षण में भी अनियमितताएं पाई गई थीं। उस समय श्री अहिरवार द्वारा गलती स्वीकार करते हुए क्षमा मांगी गई थी और छात्र-छात्राओं की उपस्थिति एवं शैक्षणिक स्तर में सुधार का आश्वासन दिया गया था। इसके बावजूद पुनः लापरवाही पाए जाने तथा कारण बताओ नोटिस का जवाब समाधानकारक नहीं होने पर उनकी दो वार्षिक वेतनवृद्धियां असंचयी प्रभाव से बंद करने की कार्रवाई की गई।
*कलेक्टर ने दिए शिक्षा व्यवस्था में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के निर्देश*
कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय ने स्पष्ट किया है कि शासकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना शिक्षकों का प्रमुख दायित्व है। विद्यालयों में अनुशासन, नियमित उपस्थिति, प्रभावी शिक्षण कार्य एवं विभागीय दायित्वों के निर्वहन में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

