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पात्रता सूची में नाम, झोपड़ी में हो रहा है जीवन बसर।

सूची में नाम, संयंत्र में हो रहा है जीवन बसर।

 

अतिथि को नहीं मिल सका आवास योजना का लाभ।

 

रिपोर्ट: मनोज कुमार शर्मा

 

ट्रैक्टर.एलाऊ/मैनपुरी। सरकार द्वारा गरीबों को आशियाना बनाने के लिए अनगिनत करोड़ खर्च किए गए, लेकिन ग्राम पंचायत स्तर पर जिम्मेदारों की समिति के सदस्यों के साथ आवास बैठक का सपना साकार नहीं हो सका।

 

कुसमरा मार्ग स्थित ग्राम पंचायत माउंटेनपुर निवासी सुनील कुमार अपनी पत्नी कांति देवी व बच्चों के साथ ठहराव में जीवन बसर कर रहे हैं। उनके द्वारा ब्लेक ऑफिस एवं ग्राम प्रधान से कई बार आवासीय उद्यमियों के लिए फिल्मांकन किया गया लेकिन गुटबाजी के कारण आवास नहीं मिल सका। ग्राम पंचायत के उत्तरदायित्वों को सुविधा शुल्क न देने के कारण आवास से लेकर गरीब मजदूर बनाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करता है। बैल के समय रॉकेट में रहना मुश्किल होता है। गांव में घूम रहे ड्राईवर गौवंश झोपड़ी में घुसे हुए स्थान हैं जहां फैमिली ड्रेयर सहमा रहता है। लाभार्थी ने नामांकन से मांग की है कि दिव्यांग अधिकारियों को स्थलीय जांच के लिए आदेश दिया जाए।

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