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मोहनगढ नहरी क्षेत्र में चिंकारा हिरण शिकार मामले ने पकड़ा तूल, बिश्नोई समाज सहित 36 कौम के लोगो ने जिला कलेक्ट्रेट के आगे किया धरना-प्रदर्शन

 

जैसलमेर


जिले के मोहनगढ नहरी क्षेत्र में 23 जनवरी को हुआ चिंकारा हिरण शिकार मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। दरअसल जैसलमेर के मोहनगढ़ नहरी इलाके के नेहड़ाई क्षेत्र में 23 जनवरी को चिंकारा हिरण के शिकार का मामला सामने आया था। इसके बाद प्रत्यक्षदर्शी दिनेश बिश्नोई नामक स्थानीय युवक द्वारा मोहनगढ़ थाने में मुकदमा दर्ज करवाया गया था लेकिन कोई कार्यवाही न होने के चलते विश्नोई समाज के साथ ही वन्य जीव प्रेमियों ने बीते 3 फरवरी को नेहड़ाई पुलिस चौकी के बाहर धरना प्रदर्शन करना शुरू किया और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की गई वही अल्टीमेट भी दिया गया कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होगी उनका आमरण अनशन जारी रहेगा। इस अल्टीमेट के बाद वन विभाग की टीम हरकत में आई और वन विभाग मोहनगढ़ की टीम द्वारा सोमवार को दो आरोपी शिकारी बरियम खां और गणे खान को गिरफ्तार किया गया। वही शिकारी के पास से एक टोपीदार बंदूक और शिकार में इस्तेमाल की गई जीप को भी जब्त की गई। वही वन्य जीव अधिनियम के तहत दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। जिसके बाद आरोपियों को पीसी रिमांड पर भेजा गया। लेकिन वन विभाग की इस कार्रवाई से पर्यावरण प्रेमी व बिश्नोई समुदाय के लोगों में असंतोष है और उन्होंने अपना धरना लगातार जारी रखा है। जिसके चलते जहां पहले नेहड़ाई चौकी के आगे उनका धरना जारी था वहीं अब बुधवार को जैसलमेर जिला मुख्यालय की ओर इन पर्यावरण प्रेमियों ने कूच कर दिया और जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय के आगे सैकड़ो की संख्या में वन्य जीव प्रेमी पहुंचे। जहां हिरण शिकार प्रकरण में नियमानुसार कार्रवाई न करने, साक्ष्यों को छुपाने के वन विभाग के कार्मिकों पर आरोप लगाए गए है ।
इस दौरान 16 सूत्रीय मांगो को लेकर वन्य जीव प्रेमियों ने जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय के आगे धरना दे डाला है। उनका साफ तौर पर कहना है कि वे दो दिन तक जिला कलेक्ट्रेट के आगे धरना व भूख हड़ताल जारी रहेगी। 6 लोग अभी भी भूख हड़ताल पर बैठे हैं वहीं आगे यह करवा लगातार बढ़ता जाएगा । 2 दिन के बाद ये धरनार्थी जोधपुर में धरना प्रदर्शन करेंगे और उसके बाद सीधा राजधानी जयपुर पहुंचेंगे। जहां यदि उनकी मांगे नहीं मानी जाती है तो वे हाईवे जाम करेंगे।
इसी के साथ उन्होंने कहा कि जैसलमेर का जिला प्रशासन कुंभकरणी नींद सो रहा है लेकिन इस प्रशासन को जगाने के लिए हम ऐतिहासिक 1730 ई. के जोधपुर खेजड़ली प्रकरण में शहीद हुए 376 शहीदों की याद वापस दिला देंगे और वन्यजीवों के सरक्षंण के लिए अपनी गर्दन तक कटा देगे।

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