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कवी छगन लाल जी द्वारा कविता से श्रदांजली अर्पित

*लता मंगेशकर को श्रद्धांजलि*
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हे लता,ये बता, क्या हो गई हमसे खता।
चली गई हमे छोड़कर, नहीं बताया अपना पता।

सुर साम्राज्ञी कोकिल कंठी ,मा वीणा पाणी का वरदान तू।
मीठे बोल , तेरे अनमोल, मुर्दे में डाले जान तू।
मत सता, ये बता, क्या हो गई हमसे खता।
चली गई हमे छोड़कर,नहीं बताया अपना पता।

छा गई उदासी जहां में, तेरे यू चले जाने से।
रो रहे हैं साज सारे,कौन आएगा मनाने को।
ओ माता, ये बता, क्या हो गई हमसे खता।
चली गई हमे छोड़कर, नहीं बताया अपना पता।

सज गया होगा स्वर्ग भी, तेरा स्वागत कराने को।
भारत रत्न आया है स्वर्ग में स्वर की गंगा बहाने को।
अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि, स्वीकार करना, विनंती करे मुथा।
चली गई हमे छोड़कर, नहीं बताया अपना पता।
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*कवि छगनलाल मुथा-सान्डेराव,*
*मुंबई (महाराष्ट्र)*

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