बल्देवगढ़ वन परिक्षेत्र में लकड़ी परिवहन पर सवाल, कंप्यूटर ऑपरेटर पर गंभीर आरोप
सागौन की ट्रॉली के ₹20 हजार और खैर की पिकअप के ₹10 हजार तक वसूली का दावा, निष्पक्ष जांच की मांग
बल्देवगढ़ वन परिक्षेत्र में लकड़ी परिवहन को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। कैलपुरा निवासी और वन विभाग में कंप्यूटर ऑपरेटर बताए जा रहे कमलेश लोधी पर कथित तौर पर रेंजर की तरह काम करने और लकड़ी से भरे वाहनों को निकलवाने के बदले रकम लेने के आरोप लगाए गए हैं।
खरगापुर की आरा मशीनों से जुड़े कुछ लोगों ने नाम गोपनीय रखने की शर्त पर दावा किया कि सागौन की ट्रॉली के लिए ₹20 हजार, खैर की पिकअप के लिए ₹10 हजार और अन्य लकड़ी के परिवहन के लिए ₹5 हजार तक लिए जाने की बात कही जाती है। सरकनपुर स्टेशन के पास पकड़ी गई सागौन से भरी पिकअप को छोड़ने के बदले ₹2 लाख लेने और अधिकारियों के नाम पर कथित वसूली के आरोप भी लगाए गए हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
जांच के घेरे में विभागीय निगरानी
मामले ने वन विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वरिष्ठ अधिकारियों को लकड़ी के स्रोत, परिवहन अनुमति, जब्त वाहनों के रिकॉर्ड और कथित लेनदेन की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए। संबंधित कर्मचारी कमलेश लोधी,
इनका कहना है वन परिक्षेत्र अधिकारी बुद्धसेन कोल ने कहा जानकारी नहीं है और जानकारी पता लगायेंगे क्या मामला है।
इतना बड़ा खेल आखिर किसके संरक्षण में खेला जा रहा है विभाग सवालों के घेरे में
विभागीय अधिकारियों का पक्ष सामने आना भी जरूरी है। आरोपों की पुष्टि होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

