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राष्ट्रीय स्तर पर बालोद का प्रतिनिधित्व: आईआईएसईआर पुणे में प्रशिक्षण प्राप्त कर लौटे शिक्षक शकील हुसैन

राष्ट्रीय स्तर पर बालोद का प्रतिनिधित्व: आईआईएसईआर पुणे में प्रशिक्षण प्राप्त कर लौटे शिक्षक शकील हुसैन

राजा खान रिपोर्टर -देश 24 लाइव न्यूज़ जिला ब्यूरो बालोद मो.9174400910/9406415286

दल्ली बालोद |मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन एवं शिक्षामंत्री के निर्देशन, सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. कमलप्रीत सिंह एवं आयुक्त समग्र शिक्षा श्रीमती किरण कौशल के कुशल मार्गदर्शन व राज्य समन्वयक समग्र शिक्षा आशीष गौतम के संयोजन में, केंद्र शासन की महात्वाकांक्षी योजना पीएमश्री अंतर्गत “राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित संस्थानों में शिक्षकों के क्षमता संवर्धन कार्यशाला” के तहत “भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (IISER.PUNE) पुणे में चार दिवसीय कार्यशाला में राज्य के 100 शिक्षकों ने भाग लिया जिसमें बालोद जिले के डोंडी ब्लॉक से सिर्फ एक शिक्षक शकील हुसैन ने भाग लिया।

 

उन्होंने बताया कि कार्यशाला का उद्घाटन प्रोफेसर अर्णब मुखर्जी डीन अंतरराष्ट्रीय संबंध व जन-संपर्क IISER PUNE और आशीष गौतम राज्य समन्वयक पीएमश्री समग्र शिक्षा छत्तीसगढ़ की उपस्थिति में संस्थान के सिपला हॉल में हुआ। श्री मुखर्जी ने इस अवसर पर अपने छात्र जीवन से जुड़ी घटना का जिक्र करते हुए कहा कि छात्रों को उनके प्रारंभिक शिक्षक ही याद रह जाते हैं वे अपने चरित्र का विकास आपसे ही करते हैं। शिक्षकों में ही ऐसी काबिलियत होती है कि वे किसी छात्र के अंदर छुपे हुनर को पहचान पाए। श्री गौतम ने इस कार्यशाला से अपेक्षाओं के बारे में विस्तार से बात की साथ ही शिक्षकों से कहा की हम सब एक बड़े उद्देश्य को लेकर यह प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं यहाँ से प्राप्त ऊर्जा से हम अपने विद्यालयों में विज्ञान गणित की चेतना का विकास करेंगे। यहाँ प्राप्त व्यावहारिक व क्रियाशील प्रशिक्षण से शिक्षा के नई दृष्टीकोण का विकास करेंगे।

 

यह प्रशिक्षण देश के प्रतिष्ठित विषय विशेषज्ञ वैज्ञानिकों द्वारा दिया गया, इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, रचनात्मक एवं तार्किक चिंतन, नवाचार तथा आधुनिक शिक्षण-पद्धतियों के प्रति समझ एवं दक्षता का विकास करना रहा। प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न व्यावहारिक गतिविधियों, प्रयोगात्मक कार्यों तथा विषय-विशेषज्ञों द्वारा आयोजित विषय-वस्तु आधारित सत्रों के माध्यम से शिक्षकों को समृद्ध एवं उपयोगी शैक्षणिक अनुभव प्रदान किया गया। शिक्षकों को कक्षा-कक्ष में कंप्यूटेशनल थिंकिंग, कहानी के माध्यम से विषयवस्तु को रोचक प्रभावपूर्ण एवं जिज्ञासा वर्धक बनाना गतिविधियों के माध्यम से गणित को समझना, खिलौनों के माध्यम से विज्ञान को समझना, बदलाव का जादू एवं तर्क, गतिविधि-आधारित शिक्षण-पद्धति में मूल्यांकन तथा अन्य महत्वपूर्ण शिक्षण तकनीकों का प्रशिक्षण प्रदान किया।

शिक्षकों ने विज्ञान केन्द्र पिंपली चिंचवाड़ एवं उसके अंदर आईसर पुणे द्वारा स्थापित “कल्पगृह” का भ्रमण किया। यहाँ उन्होंने जाना कि आसान गतिविधियों के माध्यम से समाज में विज्ञान के कठिनाई से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करना है। हैंडसऑन गतिविधियों के माध्यम से विज्ञान, गणित की अवधारणाओं से बच्चों को परिचित करना है। शिक्षकों ने ऑटोमोबाइल उद्योग की बारीकियों को समझा, 3 डी मूवी के माध्यम से मनुष्यों द्वारा किस प्रकार प्रकृति को नुकसान पहुंचाया जा रहा है यह जाना। तारांगण के माध्यम से दिन में तारे देखे व ग्रहों नक्षत्रों के माध्यम से दिशा देखने के तरीकों और सौरमंडल की बारीकियों को जाना।

ट्रेनिंग कार्यक्रम को सफल एवं सुचारू बनाने हेतु अशोक रूपनर सीनियर टेक्निकल ऑफिसर, अंकिश त्रिपुड़े एवं टीम श्रीमती इंद्राणी बालन साइंस एक्टिविटी सेंटर IISER पुणे ने काम किया वहीं समग्र शिक्षा छत्तीसगढ़ से ट्रेनिंग कोऑर्डिनेटर के रूप में अनुराग जॉन एवं भागवत साहू उपस्थित रहे।

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