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जूनियर कन्या छात्रावास जेवर में नहीं मिला एक भी छात्र अधिक्षिका की कार्य-प्रणाली पर उठे सवाल

जूनियर कन्या छात्रावास जेवर में नहीं मिला एक भी छात्र, अधीक्षिका की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

 

सरपंच प्रतिनिधि लला कुशवाहा ने कलेक्टर से की जांच और कार्रवाई की मांग

 

टीकमगढ़। लिधौरा तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत जेवर स्थित अनुसूचित जनजाति जूनियर कन्या छात्रावास की व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्राम पंचायत जेवर के सरपंच प्रतिनिधि लालाराम (लला) कुशवाहा ने छात्रावास की स्थिति पर चिंता जताते हुए आरोप लगाया है कि निरीक्षण के दौरान छात्रावास में एक भी छात्रा उपस्थित नहीं मिली। इतना ही नहीं, छात्रावास में पदस्थ स्टाफ भी मौके पर अनुपस्थित पाया गया।

 

सरपंच प्रतिनिधि ने बताया कि शासन द्वारा जनजातीय छात्राओं को बेहतर शिक्षा, आवास एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से छात्रावास संचालित किया जा रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति इसके विपरीत दिखाई दे रही है। उनका कहना है कि उन्होंने कई बार गांव-गांव जाकर अभिभावकों एवं विद्यार्थियों को छात्रावास में प्रवेश लेने के लिए प्रेरित किया, फिर भी छात्रावास में छात्राओं की संख्या नहीं बढ़ पाई।

 

लला कुशवाहा ने आरोप लगाया कि छात्रावास की अधीक्षिका भी नियमित रूप से उपस्थित नहीं रहती हैं और कभी-कभार ही छात्रावास पहुंचती हैं, जिससे व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि छात्रावास का संचालन सही तरीके से किया जाए तो क्षेत्र की जनजातीय छात्राओं को इसका सीधा लाभ मिल सकता है।

 

उन्होंने टीकमगढ़ कलेक्टर से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा छात्रावास में छात्रों की अनुपस्थिति, स्टाफ की कार्यप्रणाली और व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का परीक्षण किया जाए। साथ ही दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाए।

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