
*बलदेवगढ़ पुलिस ने 12 घंटे में दो नाबालिग बालिकाएं सकुशल बरामद, शादी का झांसा देकर ले जाने वाले 02 आरोपी गिरफ्तार*
*पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में मुस्कान अभियान का असर: 2026 में 88+ नाबालिगों की सुरक्षित दस्तयाबी*
*पुलिस अधीक्षक टीकमगढ़ श्री मनोहर सिंह मंडलोई* के निर्देशन में जिले में गुम एवं लापता नाबालिग बालक-बालिकाओं की सुरक्षित दस्तयाबी हेतु संचालित *”मुस्कान अभियान”* के अंतर्गत टीकमगढ़ पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है। अभियान के तहत मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर तथा साइबर सेल की तकनीकी सहायता से लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है।
थाना बलदेवगढ़ क्षेत्र में दिनांक 15 जून 2026 को एक महिला द्वारा सूचना दी गई कि उसकी दो नाबालिग नातिनें दिनांक 14 जून 2026 को खरगापुर बाजार जाने के लिए घर से निकली थीं, किंतु वापस नहीं लौटीं। सूचना प्राप्त होते ही थाना बलदेवगढ़ पुलिस द्वारा प्रकरण दर्ज कर त्वरित कार्रवाई प्रारंभ की गई तथा संभावित स्थानों पर लगातार तलाश की गई।
पुलिस टीम के अथक प्रयासों, तकनीकी सहयोग एवं प्रभावी समन्वय के परिणामस्वरूप दोनों नाबालिग बालिकाओं को मात्र 12 घंटे के भीतर सकुशल दस्तयाब कर उनके परिजनों को सुपुर्द किया गया।
जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि आरोपियों द्वारा नाबालिग बालिकाओं को विवाह का झांसा देकर अपने साथ ले जाया गया था। प्रकरण में दिनांक 17 जून 2026 को आरोपी कृष्णा अहिरवार (20 वर्ष), निवासी भेलसी, थाना बलदेवगढ़ तथा प्रिंस अहिरवार (19 वर्ष), निवासी ग्राम पाली, थाना खरगापुर को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
उल्लेखनीय है कि *पुलिस अधीक्षक श्री मनोहर सिंह मंडलोई* के नेतृत्व में वर्ष 2026 के दौरान टीकमगढ़ पुलिस द्वारा देश के विभिन्न राज्यों एवं महानगरों से *88 से अधिक नाबालिग बालक-बालिकाओं* को सुरक्षित दस्तयाब कर उनके परिजनों से मिलवाया जा चुका है। यह उपलब्धि जिले में बाल सुरक्षा एवं महिला सुरक्षा के प्रति पुलिस की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
इस सराहनीय कार्रवाई में थाना प्रभारी बलदेवगढ़ उप निरीक्षक चंदन शाक्य, उप निरीक्षक नन्हेलाल ठाकुर, उप निरीक्षक जे.एन. भगत, उप निरीक्षक मयंक नगायच, प्रधान आरक्षक रहमान (साइबर सेल), प्रधान आरक्षक भगत यादव, आरक्षक जितेंद्र राजपूत, आरक्षक केशव राजपूत, आरक्षक मनोज जाटव, आरक्षक शिव मोरे, महिला आरक्षक रूबी भास्कर, महिला आरक्षक प्रतीक्षा, आरक्षक चालक सौरभ एवं आरक्षक चालक रामसिंह यादव (थाना खरगापुर) की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
