Site icon desh 24×7

नई दिल्ली। न्यायपालिका पर उठते गंभीर सवाल _क्या जबाव देही तय होगी ?दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। नई दिल्ली से राजेश कुमार यादव की खास रिपोर्ट

न्यायपालिका पर उठते गंभीर सवाल… क्या जवाबदेही तय होगी? ⚖️

दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है।

नई दिल्ली से राजेश कुमार यादव की खास रिपोर्ट

सीबीआई (CBI) ने एडिशनल सेशन जज के रीडर संजीव सदाना को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई एक महिला अधिवक्ता की शिकायत पर की गई, जिन्होंने आरोप लगाया कि उनके मुवक्किल की जमानत (Bail) मंजूर करवाने के बदले ₹30,000 की मांग की गई थी।

शिकायत के बाद CBI ने ट्रैप लगाया और ₹20,000 की पहली किस्त लेते हुए आरोपी को पकड़ लिया।

अब सबसे बड़ा सवाल—  क्या किसी जज की जानकारी के बिना कोई रीडर “जमानत की गारंटी” दे सकता है?

अगर जज पूरी तरह ईमानदार हैं, तो उनके सामने ही ऐसी वसूली कैसे चल रही थी?

क्या यह केवल एक कर्मचारी की हरकत है या सिस्टम में कहीं गहरी खामी है?

यह मामला सिर्फ एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि न्यायपालिका की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर बड़ा प्रश्नचिह्न है।

जनता का भरोसा सबसे बड़ा स्तंभ है— ऐसी घटनाएं उस भरोसे को कमजोर करती हैं, जिसे बनाए रखना न्यायपालिका की सर्वोच्च जिम्मेदारी है।

अब वक्त है— ✔️ निष्पक्ष और पारदर्शी जांच का

✔️ जिम्मेदारी तय करने का

✔️ और व्यवस्था को और मजबूत बनाने का

“न्याय तभी सशक्त होगा, जब व्यवस्था निष्पक्ष और जवाबदेह होगी।”

 

Exit mobile version