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ज्ञान भारत मिशन 21वीं सदी का भारत की बौद्धिक और आर्थिक संजीवनी

जिला रिपोर्टर सुरेश कुमार चौधरी टीकमगढ़

‘ज्ञान भारतम मिशन’ – 21वीं सदी के भारत की बौद्धिक और आर्थिक संजीवनी

भारत सरकार ने राष्ट्र निर्माण की दिशा में अब तक के सबसे बड़े शैक्षिक और बौद्धिक अभियान*’ज्ञान भारतम मिशन’ का शंखनाद कर दिया है। यह मिशन केवल शिक्षा नीति में बदलाव मात्र नहीं है, बल्कि यह भारत को वैश्विक पटल पर एक ‘नॉलेज इकोनॉमी’ (ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था) के रूप में स्थापित करने का एक व्यापक रोडमैप है।

पाण्डुलिपियों के महत्व और उनके नाजुक स्वरूप को देखते हुए, इस अमूल्य धरोहर की सुरक्षा की तात्कालिक आवश्यकता को दृष्टिगत रखते हुये भारत सरकार ने ‘ज्ञान भारतम्’ अभियान की शुरुआत की है—जो पाण्डुलिपियों को पुनः खोजने, संरक्षित करने, डिजिटाइज करने और उन्हें राष्ट्रीय डिजिटल भंडार में साझा करने के लिए है, ताकि वे आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवित ज्ञान-स्रोत बन सकें।माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा परिकल्पित, राष्ट्रीय डिजिटल रिपॉजिटरी की स्थापना राष्ट्र की विशाल पाण्डुलिपि धरोहर के संरक्षण, डिजिटाइजेशन और प्रसार की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।

“ज्ञान भारतम मिशन” के अंतर्गत पांडुलिपियों के सर्वेक्षण, दस्तावेजीकरण, संरक्षण, डिजिटलीकरण हेतु दिनांक 16 मार्च 2026 से 15 जून 2026 तक विशेष अभियान चलाया जा रहा है, अभियान के संबंध में जारी निर्देशो के पालन में जिले में उपलब्ध हस्तलिखित पांडुलिपियों की जानकारी “ज्ञान भारतम” एप पर अपलोडिंग के लिए संबंधित लक्षित समूह /व्यक्तियों को प्रोत्साहन एवं मार्गदर्शन देकर एक मिशन के रूप में संचालित करने और अभियान के सफल क्रियान्वयन हेतु जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में एक जिला स्तरीय समिति का गठन किया गया है समिति में मुख्य रूप से सी.ई.ओ जिला पंचायत, प्राचार्य पीजी कॉलेज टीकमगढ़, एस.डी.एम. टीकमगढ़, जिला पुस्तकालय के लाईब्रेरियन वी के मेहरा एवं पुरातत्व विभाग के प्रतिनिधि को शामिल किया गया है| अभियान का जिला स्तरीय नोडल अनुपम दीक्षित, ई-गवर्नेंस प्रबंधक टीकमगढ़ मो. नं. 9424800790 को बनाया गया है|

जिला स्तरीय समिति की प्रथम बैठक जिला पुस्तकालय में सम्पन्न

आज जिला स्तरीय समिति की प्रथम बैठक जिला पुस्तकालय में रखी गई जिसमें समिति सदस्यों के अतिरिक्त अन्य अधिकारी, शिक्षा विद, साहित्यकार एवं जिले के गणमान्य नागरिक एवं युवा छात्र छात्राएं उपस्थित रहे|

बैठक में कलेक्टर टीकमगढ़ ने अभियान के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुये बताया कि ज्ञान भारतम अभियान अंतर्गत देश के हर जिले में पांडुलिपियों का व्यवस्थित और समयबद्ध सर्वेक्षण किया जाएगा। पांडुलिपियों की पहचान, दस्तावेजीकरण, डिजिटलीकरण और वैज्ञानिक संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जायेगा। राज्य स्तर, जिला स्तर और राष्ट्रीय स्तर पर समितियाँ बनाकर समन्वित कार्यप्रणाली सुनिश्चित की गई है। मोबाइल ऐप/पोर्टल के माध्यम से डेटा संग्रह, जियो-टैगिंग और रिपोर्टिंग की व्यवस्था की गई है।इसमे मंदिर, आश्रम, निजी संग्रहकर्ता, विश्वविद्यालय, पुस्तकालय और धार्मिक संस्थाओं को शामिल किया जाएगा। कार्यशालाओं, मीडिया और शैक्षणिक संस्थानों के माध्यम से लोगों को जोड़ने का प्रयास किया जाएगा ।

क्लस्टर एवं स्वतंत्र केंद्र स्थापित किये गये हैं ये केंद्र क्षेत्रीय स्तर पर सर्वेक्षण का संचालन, सत्यापन और डेटा अपलोड का कार्य करेंगे। अभियान की प्रगति की निरंतर राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर समीक्षा तथा फील्ड सत्यापन किया जायेगा। पांडुलिपि मालिकों के अधिकारों का सम्मान, पूर्व अनुमति और सांस्कृतिक संवेदनशीलता का विशेष ध्यान रखा जायेगा। इस्से राज्यवार पांडुलिपि डेटाबेस तैयार होगा, दुर्लभ पांडुलिपियों की पहचान होगी, GIS आधारित राष्ट्रीय पांडुलिपि मानचित्र बनेगा और संरक्षण में संस्थागत एवं सामुदायिक भागीदारी बढ़ेगी। उपयोगकर्ता Gyan Bharatam एप पर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं, रिकॉर्डिंग देख सकते हैं और पिछले कार्यक्रमों के परिणामों का पता लगा सकते हैं।बैठक में मुख्य रूप से जन प्रतिनिधि विकास यादव,प्राचार्य पी जी कॉलेज के सी जैन, डीईओ हनुमत चौहान, डीपीसी परशुराम त्रिपाठी, प्रौढ़ शिक्षा अधिकारी राजेन्द्र पस्तोर, पी जी कॉलेज लाईब्रेरियन प्रशांत, पुष्पेन्द्र चौहान, अजय द्विवेदी, आशुतोष अवस्थी, राना लिधौरी, रविन्द्र यादव, मनोज व्यास शैलेन्द्र द्विवेदी, राजीव रावत और सुबोध पाठक एवं छात्र छात्राएं शामिल रहे।

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