टीकमगढ़ जिला 
जिला टीकमगढ़ के एकीकृत माध्यमिक शालाओं में शिक्षा की नींव को मजबूत करने के लिए इतना सफल आयोजन हुआ।
ग्रामीण नेतृत्व औरअभिभावकों की उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि शिक्षा अब केवल स्कूल तक सीमित नहीं, बल्कि एक सामाजिक आंदोलन बन रही है।
यहाँ आपके द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर एक औपचारिक रिपोर्ट तैयार है:
कार्यक्रम रिपोर्ट: एफ.एल.एन. (FLN) मेला – बल्देवगढ
स्थान: एकीकृत माध्यमिक शालाएं ब्लॉक, बल्देवगढ जिला टीकमगढ़ (म.प्र.)
मुख्य अतिथि: ग्राम सरपंच एवं ग्राम मुखिया
प्रतिभागी: कक्षा 1 व 2 के छात्र, अभिभावक (विशेषकर माताएं), आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं शिक्षक।
कार्यक्रम का विवरण
जिला शिक्षा केंद्र के निर्देशानुसार, शासकीय एकीकृत माध्यमिक शालाओ में ‘निपुण भारत’ अभियान के अंतर्गत बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मकता (FLN) मेले का भव्य आयोजन किया गया। इस मेले का मुख्य उद्देश्य छोटे बच्चों में सीखने की प्रक्रिया को रोचक बनाना और घर व स्कूल के बीच के अंतर को कम करना था।
मेले की मुख्य गतिविधियाँ
विभिन्न स्टॉल्स का अवलोकन: मेले में बच्चों के शारीरिक, मानसिक, भाषाई और गणितीय विकास को जांचने के लिए अलग-अलग काउंटर बनाए गए थे। यहाँ बच्चों ने खेल-खेल में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
अभिभावकों की सहभागिता: कक्षा 1 और 2 के बच्चों के साथ उनके माता-पिता ने भी गतिविधियों में भाग लिया। शिक्षकों ने अभिभावकों को बताया कि वे घर पर बच्चों को सरल तरीकों से कैसे पढ़ा सकते हैं।
सामुदायिक सहयोग: गांव के मुखिया और सरपंच ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए शिक्षा के प्रति ग्रामीणों को जागरूक रहने का संदेश दिया।
आंगनबाड़ी एवं स्कूल का समन्वय: आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की उपस्थिति से पूर्व-प्राथमिक और प्राथमिक शिक्षा के बीच बेहतर तालमेल देखने को मिला।
आयोजन के प्रमुख निष्कर्ष
बच्चों में अक्षरों और अंकों की पहचान के प्रति उत्साह बढ़ा।
अभिभावकों ने बच्चों की प्रगति को प्रत्यक्ष रूप से देखा और समझा।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों के जुड़ाव से स्कूल के प्रति समुदाय का विश्वास बढ़ा।
शिक्षक संदेश: “जब गांव के मुखिया और अभिभावक साथ खड़े होते हैं, तो हर बच्चा ‘निपुण’ बनने की राह पर तेजी से अग्रसर होता है।”
