टीकमगढ़ ब्यूरो चीफ सुरेश कुमार चौधरी
9/3/2026
*भारतीय किसान संघ नें प्रशासन से पूछे तीन सबाल, नहीं मिले जवाब ।*
भारतीय किसान संघ महाकौशल प्रान्त जिला टीकमगढ़ नें किसानों की व्यक्तिगत समस्याओ को लेकर ज्ञापन मुख्यमंत्री व जिला कलेक्टर के नाम से डिप्टी कलेक्टर एस. के. तोमर को सौपे /
भारतीय किसान संघ जिलाध्यक्ष शिवमोहन गिरि नें प्रशासन से पूछा कि –
(1) जिन किसानों के पास पैसा नहीं हैं या राजनीति नहीं हैं उनके काम यहाँ होते हैं या नहीं?
(2) राजस्व विभाग मे लंबित पड़े प्राकरणो के कारण जो आपसी लड़ाई झगडे या मर्डर जैसे केस हो जाते हैं तों इनका जिम्मेदार क्यों ना राजस्व विभाग हो?
(3) एक 302 का अपराधी अपनी सजा पूरी कर दोष मुक्त हो जाता हैं परन्तु किसानों के प्रकरण सालों साल पीढ़ी दर पीढ़ी चलते रहते हैं इसका जिम्मेदार कौन?
इसके बाद भारतीय किसान संघ नें लिखित मे मुख्यमंत्री से मांग कि
(1)- सरकार ने अपने चुनावी घोषणापत्र में गेंहूं की रूपये 2700 में जो खरीदी का वादा किया था उसे पूरा कर गेंहूं की खरीदी रूपये 2700 में की जाए।
(2)- ए पी सी की बैठक जिसमें सम्बंधित सभी विभाग रहते है उसमें भारतीय किसान संघ को अनिवार्य रूप से बुलाया जाए क्योंकि भारतीय किसान संघ ग्रामीण स्तर पर हर ग्राम समिति से सूक्ष्मता से जानकारी एकत्रित करता है और मैदानी स्तर पर सभी योजना की सूक्ष्मता से समीक्षा करता है।
(3)- मध्यप्रदेश शासन ने जो राजस्व महाअभियान 1,2,3 चलाया व संकल्प से समाधान अभियान चलाए उसे टीकमगढ़ प्रशासन ने गम्भीरता से नही लिया केवल औपचारिकता की जिससे किसानों के राजस्व प्रकरण जैसे रिकॉर्ड दुरुस्टीकरण, सीमांकन, भू अभिलेख सुधार, तरमीम आदि लंबित पड़े है । राजस्व महाअभियान व संकल्प से समाधान अभियान की समीक्षा की जाए व किसानों के लंबित पड़े प्रकरण शीघ्र हल किए जाए।
(4)- जिले में हर माह एक विभागीय बैठक अनिवार्य रूप से भारतीय किसान संघ के साथ आयोजित हो। जहां किसानों की समस्याओं पर चर्चा हो सके जिसमें शासन प्रशासन की छवि में सुधार हो सके।
(5)- सरकार मंडी में जो पल्लेदारी का जो पैसा सहकारी समितियों को देती है उन्हें न देकर किसानों के खातों में सीधा डाला जाए व किसान वो पैसा पल्लेदार को दे।
इसके अतिरिक्त भी भारतीय किसान संघ नें जो ज्ञापन 12 व 17 फरवरी को एस डी एम टीकमगढ़ व जतारा को सात तहसीलों के विभिन्न ग्रामो के किसानों के जो व्यक्तिगत ज्ञापन दिये थे उनका समाधान ना होने के कारण पांच दर्जन से अधिक ज्ञापन भी सौपे । भारतीय किसान संघ नें जिस तरह से कहा था कि एस डी एम को ज्ञापन देंगे फिर जिला कलेक्टर को देंगे और हल न होने पर सागर कमिश्नर को देंगे और अंत मे भोपाल जाकर वल्लभ भवन का घेराव कर मुख्यमंत्री को भी ज्ञापन देंगे इस अवसर पर जिला पदाधिकारी व तहसील पदाधिकारी एवं विभिन्न ग्राम समितियों के किसान मौजूद रहे।
टीकमगढ़ ब्यूरो चीफ सुरेश कुमार चौधरी
9/3/2026
*भारतीय किसान संघ नें प्रशासन से पूछे तीन सबाल, नहीं मिले जवाब ।*
भारतीय किसान संघ महाकौशल प्रान्त जिला टीकमगढ़ नें किसानों की व्यक्तिगत समस्याओ को लेकर ज्ञापन मुख्यमंत्री व जिला कलेक्टर के नाम से डिप्टी कलेक्टर एस. के. तोमर को सौपे /
भारतीय किसान संघ जिलाध्यक्ष शिवमोहन गिरि नें प्रशासन से पूछा कि –
(1) जिन किसानों के पास पैसा नहीं हैं या राजनीति नहीं हैं उनके काम यहाँ होते हैं या नहीं?
(2) राजस्व विभाग मे लंबित पड़े प्राकरणो के कारण जो आपसी लड़ाई झगडे या मर्डर जैसे केस हो जाते हैं तों इनका जिम्मेदार क्यों ना राजस्व विभाग हो?
(3) एक 302 का अपराधी अपनी सजा पूरी कर दोष मुक्त हो जाता हैं परन्तु किसानों के प्रकरण सालों साल पीढ़ी दर पीढ़ी चलते रहते हैं इसका जिम्मेदार कौन?
इसके बाद भारतीय किसान संघ नें लिखित मे मुख्यमंत्री से मांग कि
(1)- सरकार ने अपने चुनावी घोषणापत्र में गेंहूं की रूपये 2700 में जो खरीदी का वादा किया था उसे पूरा कर गेंहूं की खरीदी रूपये 2700 में की जाए।
(2)- ए पी सी की बैठक जिसमें सम्बंधित सभी विभाग रहते है उसमें भारतीय किसान संघ को अनिवार्य रूप से बुलाया जाए क्योंकि भारतीय किसान संघ ग्रामीण स्तर पर हर ग्राम समिति से सूक्ष्मता से जानकारी एकत्रित करता है और मैदानी स्तर पर सभी योजना की सूक्ष्मता से समीक्षा करता है।
(3)- मध्यप्रदेश शासन ने जो राजस्व महाअभियान 1,2,3 चलाया व संकल्प से समाधान अभियान चलाए उसे टीकमगढ़ प्रशासन ने गम्भीरता से नही लिया केवल औपचारिकता की जिससे किसानों के राजस्व प्रकरण जैसे रिकॉर्ड दुरुस्टीकरण, सीमांकन, भू अभिलेख सुधार, तरमीम आदि लंबित पड़े है । राजस्व महाअभियान व संकल्प से समाधान अभियान की समीक्षा की जाए व किसानों के लंबित पड़े प्रकरण शीघ्र हल किए जाए।
(4)- जिले में हर माह एक विभागीय बैठक अनिवार्य रूप से भारतीय किसान संघ के साथ आयोजित हो। जहां किसानों की समस्याओं पर चर्चा हो सके जिसमें शासन प्रशासन की छवि में सुधार हो सके।
(5)- सरकार मंडी में जो पल्लेदारी का जो पैसा सहकारी समितियों को देती है उन्हें न देकर किसानों के खातों में सीधा डाला जाए व किसान वो पैसा पल्लेदार को दे।
इसके अतिरिक्त भी भारतीय किसान संघ नें जो ज्ञापन 12 व 17 फरवरी को एस डी एम टीकमगढ़ व जतारा को सात तहसीलों के विभिन्न ग्रामो के किसानों के जो व्यक्तिगत ज्ञापन दिये थे उनका समाधान ना होने के कारण पांच दर्जन से अधिक ज्ञापन भी सौपे । भारतीय किसान संघ नें जिस तरह से कहा था कि एस डी एम को ज्ञापन देंगे फिर जिला कलेक्टर को देंगे और हल न होने पर सागर कमिश्नर को देंगे और अंत मे भोपाल जाकर वल्लभ भवन का घेराव कर मुख्यमंत्री को भी ज्ञापन देंगे इस अवसर पर जिला पदाधिकारी व तहसील पदाधिकारी एवं विभिन्न ग्राम समितियों के किसान मौजूद रहे।
