Site icon desh 24×7

लखनऊ उत्तरप्रदेश। इंसाफ न मिला तो त्याग दुंगी वर्दी .महिला दारोगा ने भाजपा विधायक पर लगाये गंभीर आरोप। लखनऊ उत्तरप्रदेश से राजेश कुमार यादव की खास रिपोर्ट

इंसाफ नही मिला तो त्याग दुंगी वर्दी . महिला दरोगा ने भाजपा विधायक पर लगाये गंभीर आरोप।  लखनऊ उत्तर प्रदेश से राजेश कुमार यादव की खास रिपोर्ट

 

यूपी पुलिस में मिशन शक्ति की मिसाल पेश करने वाली उन्नाव की एक महिला सब-इंस्पेक्टर ने सिस्टम से हारकर इस्तीफे की पेशकश कर दी है। बिहार थाने में तैनात एसआई रेखा दुबे ने एसपी और आईजी को अपना इस्तीफा भेज कर महकमे में खलबली मचा दी है।

 

रेखा का आरोप है कि लखीमपुरखीरी में एक भाजपा विधायक और रसूखदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ आवाज उठाने के कारण उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। इस मामले में एसएसपी जयप्रकाश सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। लेकिन अभी तक महिला दरोगा ने कोई प्रार्थना पत्र न दिया है और न ही पेश हुईं हैं।

 

इस्तीफे में लगाए गए आरोपों के मुताबिक, मामला 29 मार्च 2024 का है। उस दौरान रेखा दुबे लखीमपुर खीरी में तैनात थी। आरोप है कि एक स्थानीय भाजपा विधायक के इशारे पर कुछ अराजकतत्वों और तत्कालीन एसपी के ड्राइवर समेत तीन पुलिसकर्मियों ने उनके किराए के आवास में घुसकर तोड़फोड़ और अभद्रता की। जब उनके एसआई पति और नाबालिग बेटी ने बचाव की कोशिश की, तो उनके साथ भी मारपीट की गई। दुखद पहलू यह रहा कि जब पीड़िता शिकायत लेकर थाने पहुंचीं, तो वहां कथित तौर पर करीब दो सौ लोगों की भीड़ ने पुलिस की मौजूदगी में दोबारा उनके परिवार पर हमला किया।

 

तहरीर बदली, विधायक का नाम गायब

 

रेखा दुबे ने बताया कि विधायक के राजनीतिक दबाव के कारण शुरुआत में मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। सोशल मीडिया और मीडिया में मामला उछलने के बाद एफआईआर तो हुई। आरोप है कि पुलिस ने मूल तहरीर बदलकर विधायक का नाम हटा दिया। उन्हें आश्वासन दिया गया कि विवेचना के दौरान नाम जोड़ दिया जाएगा जो आज तक नहीं हुआ।

 

विभागीय कार्रवाई या उत्पीड़न?

 

महिला दरोगा रेखा दुबे ने उच्चाधिकारियों पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उन पर और उनके पति पर समझौते के लिए लगातार अनैतिक दबाव बनाया गया। समझौता न करने पर सजा के तौर पर पति-पत्नी का अलग-अलग जिलों में तबादला कर दिया गया। मामले की विवेचना को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।

 

सवालों के घेरे में ‘मिशन शक्ति’

 

महिला सुरक्षा के दावों के बीच एक महिला अधिकारी का इस तरह का कदम उठाना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। फिलहाल, इस इस्तीफे के बाद विभाग में हड़कंप है और उच्चाधिकारियों की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है। विपक्षी दल भी इस मुद्दे को भुनाने की तैयारी में हैं, जिससे आने वाले दिनों में सियासी पारा चढ़ना तय है।

Exit mobile version